
उप वन संरक्षक कार्यालय, हनुमानगढ़ जंक्शन के बाहर न्याय की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे वनकर्मी मनवीर सिंह का धरना बुधवार को तीसरे दिन भी लगातार जारी रहा। कड़ाके की ठंड और गिरते तापमान के बावजूद मनवीर सिंह अपने संकल्प पर डटे हुए हैं। तीसरे दिन उनकी तबीयत फिलहाल सामान्य बताई जा रही है, लेकिन लंबे समय से अन्न-जल त्याग करने के कारण समर्थकों और सामाजिक संगठनों में चिंता बढ़ती जा रही है।
मनवीर सिंह पिछले 32 वर्षों से सेवा में पुनः बहाली और बकाया वेतन की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि विभागीय स्तर से लेकर न्यायालय तक अनेक बार गुहार लगाने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिले, जबकि न्याय आज तक नहीं मिला। इसी पीड़ा और उपेक्षा के चलते उन्होंने आमरण अनशन जैसा कठोर कदम उठाने का निर्णय लिया। तीसरे दिन भी वे मौन धारण कर न्याय की प्रतीक्षा करते नजर आए।
धरना स्थल पर मौजूद समर्थकों ने बताया कि अब तक प्रशासन की ओर से किसी भी अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर उनकी सुध नहीं ली है। प्रशासनिक चुप्पी को लेकर भीम आर्मी भारत एकता मिशन सहित विभिन्न संगठनों में भारी रोष व्याप्त है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि एक कर्मचारी को वर्षों तक न्याय से वंचित रखना और अब उसके आमरण अनशन के बावजूद अनदेखी करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही प्रशासन ने हस्तक्षेप कर मनवीर सिंह की सेवा में पुनः बहाली और बकाया वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। तीसरे दिन भी बड़ी संख्या में समर्थक धरना स्थल पर पहुंचे और मनवीर सिंह के समर्थन में नारेबाजी की। धरना स्थल पर दिन ढलने के साथ ठंड और बढ़ गई। समर्थकों द्वारा अलाव की व्यवस्था कर उन्हें ठंड से बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन मनवीर सिंह अपने संकल्प पर अडिग रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक उन्हें लिखित आदेश और न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा।
इस मौके पर भीम आर्मी जिला अध्यक्ष मदन मेघवाल, बाबा रांझा सिंह पीलीबंगा, बाबा आशा सिंह पीलीबंगा, विनोद कुमार जोगिया ,सुलखान सिंह तहसील अध्यक्ष पीलीबंगा ,सुखपाल कौर तहसील अध्यक्ष हनुमानगढ़, गंगा रानी, रामनिवास एडवोकेट, दिलीप कुमार, एडवोकेट लालचंद, करणी सिंह रवि शीला मौजूद थे।
