
हनुमानगढ़। भारतीय किसान यूनियन टिकैत की बैठक जंक्शन स्थित किसान विश्राम गृह में आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष रेशम सिंह माणुका ने अटल भू-जल योजना के अंतर्गत निर्मित सिंचाई डिग्गियों की अनुदान राशि अब तक किसानों के खातों में जमा नहीं होने पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने इसे किसानों के साथ खुला अन्याय और धोखाधड़ी करार दिया।
जिलाध्यक्ष माणुका ने बताया कि पिछले वर्ष फरवरी-मार्च माह में प्रशासन द्वारा किसानों पर दबाव बनाकर खेतों में सिंचाई के लिए डिग्गियों का निर्माण करवाया गया था। किसानों ने सरकार की योजना पर भरोसा करते हुए समय पर कार्य पूर्ण किया, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अनुदानित राशि का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे किसान गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए हैं।
किसानों ने बताया कि डिग्गी निर्माण के दौरान उन्हें अपनी खड़ी फसलों को नष्ट करना पड़ा। डिग्गी खुदाई से निकली मिट्टी को खेतों में डालने के कारण लगभग दो-दो बीघा तक की फसल खराब हो गई। इससे प्रति किसान करीब 70 हजार से एक लाख रुपये तक का नुकसान हुआ। किसानों ने यह नुकसान सहन कर लिया, लेकिन अनुदान राशि नहीं मिलना उनके साथ बड़ा धोखा है।
रेशम सिंह माणुका ने कहा कि योजना के तहत सात दिनों में भुगतान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक राशि नहीं मिली। डिग्गी निर्माण के लिए किसानों ने लगभग तीन लाख रुपये की व्यवस्था उधार लेकर की थी। अब एक साल से उस राशि पर ब्याज देना पड़ रहा है, जो 70 हजार से एक लाख रुपये तक पहुंच गया है। इससे किसानों पर दोहरी मार पड़ी हैकृएक ओर फसल का नुकसान, दूसरी ओर बढ़ता कर्ज।
उन्होंने बताया कि अनुदान राशि अटकने के कारण किसान अपनी किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की ब्याज राशि भी समय पर नहीं चुका पा रहे हैं। नतीजतन उनकी कर्ज सीमा बढ़ती जा रही है और किसान लगातार कर्ज के दलदल में धंसता जा रहा है। किसानों ने कहा कि इतनी बड़ी राशि की व्यवस्था करने के बाद अब उनके पास और कर्ज लेने का कोई साधन नहीं बचा है।
बैठक में उपस्थित किसानों ने प्रशासन और सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरासर किसानों के साथ धोखा है। किसान यूनियन ने प्रेस वार्ता के माध्यम से निर्णय लिया कि यदि आगामी दिनों में अनुदान राशि का भुगतान पेनल्टी सहित नहीं किया गया, तो 6 फरवरी को उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
किसान नेताओं ने मांग की कि सरकार शीघ्र अनुदान राशि जारी करे, किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करे तथा ब्याज भार से राहत दे। बैठक में संदीप कंग, बलविन्द्र सिंह, सुभाष मक्कासर, हरबंस सिंह, संदीप राहड़, रणदीप सिंह, धर्मेन्द्र सिहाग, रेवंतराम, कुलविन्द्र सिंह, रजत मूढ, मनीष, लालचंद, जगजीत, मांगीलाल, दिनेश, मेवाराम, अनिल पिलानिया, रोशनलाल, विनोद सांई, इन्द्राज सहारण, लाधूराम पूनियां, दर्शन सिंह, जगतार सिंह मान, नरेश खिलेरी, हरमीत सिंह, गगनदीप सिंह, जसविन्द्र सिंह, राजेन्द्र कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में आंदोलन का समर्थन किया।
