
हनुमानगढ़। खेजड़ी बचाओ, पर्यावरण बचाओ आंदोलन के अंतर्गत राजस्थान खेत व ग्रामीण मजदूर यूनियन हनुमानगढ़ के जिलाध्यक्ष जगजीत सिंह जग्गी के नेतृत्व में जिले में लगातार दूसरे दिन भी धरना जारी रहा। इस दौरान यूनियन पदाधिकारियों एवं मजदूरों ने खेजड़ी वृक्ष की अंधाधुंध कटाई पर रोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में खेजड़ी को सुरक्षित रखने हेतु सख्त कानून बनाने और सोलर कंपनियों को दी जा रही भूमि आवंटन प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की गई।
ज्ञापन में जिलाध्यक्ष जगजीत सिंह जग्गी ने बताया गया कि खेजड़ी राजस्थान का राज्य वृक्ष होने के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण आजीविका का आधार है। इसके बावजूद सोलर कंपनियों के दबाव में सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर खेजड़ी एवं अन्य वृक्षों की कटाई करवाई जा रही है, जो भविष्य के लिए घातक साबित होगी। यूनियन ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने सीलिंग एक्ट की अनदेखी करते हुए लगभग दो लाख बीघा भूमि सोलर कंपनियों को आवंटित कर दी, जिसके कारण लाखों खेजड़ी के पेड़ काट दिए गए।
नेता रघुवीर सिंह वर्मा ने बताया कि अब सरकार द्वारा छह लाख बीघा अतिरिक्त भूमि कार्पाेरेट कंपनियों को देने की तैयारी की जा रही है, जिससे करीब 25 लाख से अधिक खेजड़ी वृक्षों के कटने की आशंका है। वर्तमान में खेजड़ी कटाई पर मात्र एक हजार रुपये का जुर्माना निर्धारित है, जो बेहद अपर्याप्त है। इसलिए मांग की गई कि खेजड़ी वृक्ष की कटाई पर न्यूनतम सात वर्ष की सजा और पांच लाख रुपये का जुर्माना तय किया जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग रखी गई कि जब तक खेजड़ी संरक्षण को लेकर नया सख्त कानून लागू नहीं होता, तब तक पूरे राजस्थान में खेजड़ी वृक्ष की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही सोलर एवं अन्य कार्पाेरेट परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन पर रोक लगाकर सीलिंग एक्ट का उल्लंघन कर दी गई भूमि को वापस लेकर भूमिहीन किसानों एवं मजदूरों को आवंटित किया जाए।
यूनियन के जिला सचिव पहलाद बहलोलनगरने कहा कि यदि भूमिहीनों को खेती योग्य भूमि मिलेगी तो वे न केवल आत्मनिर्भर बनेंगे बल्कि राज्य के विकास में भी योगदान देंगे और पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। अंत में सरकार से शीघ्र नए कानून के निर्माण और खेजड़ी संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई।
इस मौके पर वेद मक्कासर, विनोद वर्मा, राजा सिंह, बलविंदर सिंह, मोहनलाल, लालचंद देवथे सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
