
हनुमानगढ़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित हो रहे हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला के तहत रविवार को बिजली कॉलोनी सेक्टर नंबर 6 स्थित दुर्गा मंदिर के सामने मैदान में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य हिंदू समाज को संस्कार, संगठन और सेवा के सूत्र में बांधना रहा। आयोजन संयोजक भवानी शंकर ने बताया कि सम्मेलन की शुरुआत धार्मिक वातावरण के बीच सुंदरकांड पाठ से की गई, जिसमें सेवा भारती के बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सम्मेलन के मुख्य वक्ता राजेश जी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि हिंदू होना केवल एक पहचान नहीं बल्कि एक संपूर्ण जीवन पद्धति है। इसमें सत्य, अहिंसा, सेवा, संयम, त्याग और संस्कार निहित हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हिंदू समाज को अपने मूल सिद्धांतों का पालन करते हुए संगठित रहना चाहिए तथा धर्म के मार्ग पर चलना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने समाज से जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान किया।
राजेश जी ने कहा कि हिंदू समाज की शक्ति उसकी एकता में निहित है। संकट के समय केवल अपने धर्म की रक्षा करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों की सेवा करना भी हमारा कर्तव्य है। यही सच्चा धर्म और सच्ची भक्ति है। उन्होंने प्रत्येक घर में रामचरितमानस के नियमित पाठ की सलाह देते हुए कहा कि इससे परिवारों में संस्कार, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में स्वभाषा, स्वदेशी चिकित्सा पद्धति, स्वधर्म और सर्वेश भूसा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही संयुक्त परिवार की परंपरा को सशक्त बनाने का संदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि परिवार की रीढ़ महिला होती है और यदि महिला अपने बच्चों में भारतीय संस्कृति के मूल्यों का समावेश करे, तो समाज स्वतः सशक्त बनता है।
कार्यक्रम का मंच संचालन मनोज शर्मा एडवोकेट ने किया। इस अवसर पर समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सफाई सेवकों मनीषा बाई, विकी, महान प्रकाश, जितेंद्र कुमार, संदीप कुमार तथा श्रवण कुमार का साल ओढ़ाकर अभिनंदन किया गया। यह सम्मान समाज के उन कर्मयोगियों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक रहा, जो निस्वार्थ भाव से सेवा में लगे रहते हैं।
सम्मेलन में पूर्व पार्षद राजेंद्र चौधरी, राधा मोहन बेरवा, लक्ष्मण जी बोरा, अमर सिंह जी, ओमप्रकाश भाटी, ताराचंद शर्मा, चंद्र प्रकाश, सूर्य प्रकाश जोशी, अजय सिंह राजपूत, पूर्ण सिंह, महेंद्र सिंह शर्मा, भूप सिंह सिंगर, मनोज शर्मा, भवानी शंकर, विजय कुमार, कमलेश कुमार, प्रेम शंकर, विकास शर्मा, हनुमान भारत, कृष्ण भट्ट, राधेश्याम, जय सिंह बिश्नोई, लीलू भट्ट, अजय भारद्वाज, अमर भारद्वाज, वीरेंद्र सिंह, मनीष शर्मा, धीरज, राजेश राजपूत, बलराम वर्मा, पियूष, किशन लाल शर्मा, राजकुमार बावरी, केवल कृष्ण, सुभाष गर्ग, अरुण शर्मा सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवा और बच्चे उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर प्रसाद वितरण किया गया। अंत में सूर्य प्रकाश जोशी ने पधारे हुए सभी महानुभावों, अतिथियों और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सम्मेलन का समापन राष्ट्र, धर्म और समाज सेवा के संकल्प के साथ हुआ।
