
हनुमानगढ़। चूना फाटक पर प्रस्तावित रेलवे अंडर ब्रिज (आरयूबी) को लेकर शहर में जनआक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, व्यापारियों एवं स्थानीय निवासियों ने जिला कलेक्टर हनुमानगढ़ को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर आरयूबी के वर्तमान स्वरूप पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। नागरिकों ने आरोप लगाया कि बिना किसी वास्तविक आवश्यकता के चूना फाटक पर आरयूबी बनाकर शहर के लोगों को परेशान करने और उन्हें उजाड़ने की साजिश की जा रही है।
ज्ञापन में बताया गया कि लगभग आठ वर्ष पूर्व चूना फाटक पर करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से एच-टाइप आरओबी प्रस्तावित किया गया था, लेकिन सर्वे के बाद यह सामने आया कि इसके निर्माण से लगभग 29 व्यावसायिक दुकानें, मकान और प्लॉट अवाप्त करने पड़ते तथा दो से तीन वर्ष का लंबा समय लगता। साथ ही यह क्षेत्र सघन व्यावसायिक इलाका होने के कारण दुर्घटना संभावित क्षेत्र बन सकता था। इन सभी कारणों से आरओबी को निरस्त कर आरयूबी को स्वीकृति दी गई, जिसका उल्लेख रूडिस्को के पत्र दिनांक 29 मई 2020 में भी है।
प्रबुद्ध नागरिक जितेंद्र सारस्वत व प्रह्लाद शर्मा ने कहा कि जिन परिस्थितियों के आधार पर आठ वर्ष पूर्व एच-टाइप आरओबी को रद्द किया गया था, वे परिस्थितियां आज भी मौजूद हैं। बल्कि इस दौरान क्षेत्र में और अधिक व्यावसायिक प्रतिष्ठान और आवासीय कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं। ऐसे में यदि एच-टाइप आरयूबी या बड़े स्वरूप में अंडरब्रिज बनाया गया तो लगभग एक किलोमीटर के दायरे में सैकड़ों दुकानें और मकान टूट जाएंगे, जिससे अपूरणीय क्षति होगी।
ज्ञापन में नगर परिषद हनुमानगढ़ के 4 जून 2020 के प्रस्ताव का भी उल्लेख किया गया, जिसमें कैनाल कॉलोनी आवासीय योजना की पूर्वी दिशा में 60 फुटी सड़क पर आरयूबी निर्माण की अनुशंसा की गई थी। इसी आशय का पत्र नगर परिषद द्वारा रूडिस्को जयपुर को भी भेजा गया था तथा 10 मार्च 2023 को पुनः इसी मांग को दोहराया गया। नगर परिषद ने अपने स्तर पर सर्वे नक्शा और रूट मैप भी तैयार करवाया था।
नागरिकों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग पर पुराने और अप्रासंगिक टीयूवी (ट्रैफिक यूनिट वैल्यू) के आधार पर आरयूबी का स्वरूप बदलने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि 5-6 वर्ष पूर्व जब सतीपुरा ओवरब्रिज निर्माणाधीन था, तब सारा यातायात चूना फाटक से होकर गुजरता था। अब सतीपुरा ओवरब्रिज बनकर तैयार है, नवां फाटक पर नेशनल हाईवे-54 का बड़ा आरओबी प्रस्तावित है और नवां से कोहला तक बाईपास भी प्रस्तावित है, जिससे चूना फाटक पर ट्रैफिक नाममात्र रह जाएगा।
प्रबुद्ध नागरिकों ने कहा कि सतीपुरा ओवरब्रिज बनाकर पहले ही शहर का बड़ा हिस्सा उजाड़ दिया गया और अब चूना फाटक पर बिना आवश्यकता अंडरब्रिज बनाकर शहर को दोबारा नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मांग की कि सतीपुरा ओवरब्रिज, नवां-कोहला बाईपास और एनएच-54 के आरओबी के चालू होने के बाद कम से कम छह माह का नया ट्रैफिक सर्वे करवाया जाए, उसके बाद ही चूना फाटक आरयूबी के डिजाइन पर निर्णय लिया जाए। नागरिकों ने चेतावनी दी कि यदि जनहित की अनदेखी की गई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस मौके पर रघुवीर वर्मा, जितेंद्र, महावीर स्वामी, प्रह्लाद शर्मा, विनोद पारीक, पारस शर्मा, बीएल पारीक व अन्य प्रबुद्ध नागरिक मौजूद थे।
