
हनुमानगढ़। मक्कासर सेक्टर के अंतर्गत धौलीवाल सेक्टर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए एमएमएमपीवाई (MMMPY) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं एवं बच्चों में कुपोषण की रोकथाम, गर्भावस्था से लेकर दो वर्ष तक के शिशुओं की समुचित देखभाल तथा पोषण स्तर में सुधार संबंधी जानकारी प्रदान करना रहा।
प्रशिक्षण सत्र में महिला पर्यवेक्षक कमलजीत कौर ने गर्भवती महिलाओं की देखभाल, संतुलित आहार, नियमित जांच एवं परिवार की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गर्भधारण के तुरंत बाद आंगनबाड़ी केंद्र एवं स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण करवाना अनिवार्य है, ताकि समय पर टीकाकरण, जांच और पोषण संबंधी सेवाएं मिल सकें। परिवार के सदस्यों को भी गर्भवती महिला की देखभाल, स्वच्छता और उचित खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
कार्यक्रम में “हजार दिवस” की अवधारणा पर विशेष जोर दिया गया, जिसमें गर्भावस्था से लेकर बच्चे के दो वर्ष की आयु तक का समय अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। इस अवधि में मां और बच्चे को अतिरिक्त पोषण एवं देखभाल की आवश्यकता होती है, जिससे कुपोषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाव संभव हो सके।
मधु महाजन ने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के प्रावधानों की जानकारी देते हुए पात्र महिलाओं को समय पर लाभ दिलाने के निर्देश दिए। साथ ही पोषण ट्रैकर एप के माध्यम से लाभार्थियों का डाटा अपडेट करने की प्रक्रिया समझाई। अलीशा एवं निशांत ने पोषण ट्रैकर से संबंधित तकनीकी समस्याओं का समाधान किया और कार्यकर्ताओं को व्यवहारिक रूप से इसका उपयोग करना सिखाया।
कमलजीत कौर एवं मधु महाजन ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध वजन मशीन, स्टेडियोमीटर और इन्फैंटोमीटर के उपयोग की जानकारी दी तथा कार्यकर्ताओं से प्रैक्टिकल अभ्यास भी करवाया। इससे बच्चों की लंबाई, वजन और वृद्धि की सही मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सकेगी।
जगदीश कौर ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से विषयवस्तु को सरल तरीके से समझाया। मदन सुखीजा, किरण शर्मा एवं किरण ने प्रशिक्षण की व्यवस्थाएं संभालीं तथा एडब्ल्यूपी से संबंधित समस्याओं का समाधान किया।
कार्यक्रम के अंत में सीडीपीओ सुनीता शर्मा ने पूरे दिन की गतिविधियों की पुनरावृत्ति कराई और कार्यकर्ताओं को आंगनबाड़ी केंद्रों पर बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही निर्देश दिए गए कि पीसीटीएस से एमएमएमपीवाई के अंतर्गत प्राप्त नामों के दस्तावेज लेकर समय पर अपडेट करवाना सुनिश्चित करें, ताकि सभी पात्र महिलाओं को योजनाओं का लाभ मिल सके।
