
हनुमानगढ़ । विरासत विद्यापीठ की शैक्षणिक यात्रा वर्ष 2012 से निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर रही है। संस्थान ने अल्प समय में ही शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। विगत वर्षों में बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम अत्यंत सराहनीय रहे हैं, साथ ही ज़ोन स्तर पर सर्वाधिक प्रतिशत प्राप्त कर विद्यार्थियों ने संस्थान का नाम गौरवान्वित किया है।
इसी क्रम में क्षेत्र की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विरासत फाउंडेशन के नाम से एक कॉम्पिटिशन विंग का शुभारंभ किया गया है। इस विंग के अंतर्गत IIT-JEE, NEET एवं विभिन्न ओलंपियाड परीक्षाओं की तैयारी देश के सर्वश्रेष्ठ एवं अनुभवी शिक्षकों द्वारा करवाई जाएगी। संस्थान से जुड़े शिक्षकों द्वारा पूर्व में इन प्रतियोगी परीक्षाओं में टॉप–10 रैंक के साथ विद्यार्थियों का चयन करवाया जा चुका है, जो उनकी शिक्षण गुणवत्ता का प्रमाण है।
इस अवसर पर महंत माधोदास उदासीन (संस्थापक निष्काम फाउंडेशन), सत्यनारायण सुथार (एस डी एम टिब्बी), आर. सी. देहडू (प्राचार्य केंद्रीय विद्यालय)एवं संस्थान प्रबंधन द्वारा संयुक्त रूप से पोस्टर का विमोचन किया गया। कार्यक्रम के दौरान “ज्ञान, अनुशासन और परिश्रम का संगम” के मूल मंत्र के साथ सुनियोजित योजना अनुसार अध्यापन कर विद्यार्थियों को सफलता की ओर अग्रसर करने का संकल्प लिया गया।
संस्थान प्रबंधन ने बताया कि प्रथम वर्ष में कक्षा 9 से 12 में अध्ययनरत विद्यार्थियों एवं 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए अधिकतम 50 सीटों पर ही प्रवेश दिया जाएगा, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को व्यक्तिगत मार्गदर्शन एवं श्रेष्ठ शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
विरासत फाउंडेशन का यह प्रयास क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक सशक्त एवं विश्वसनीय मंच प्रदान करेगा।
