
हनुमानगढ़। टाउन क्षेत्र की फाटक गोशाला, बरकत कॉलोनी, भटनेर दुर्ग के समीप गोमाता के सानिध्य में पहली बार श्री खाटू श्याम बाबा जी की सत्य स्कंदपुराणोक्त कथा का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया जा रहा है। इस पावन आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। कथा के दूसरे दिन फाटक गोशाला के अध्यक्ष मुरलीधर अग्रवाल एवं श्रीमती सरल गर्ग ने विधिवत पूजा-अर्चना व मंत्रोच्चारण के साथ कथा का शुभारंभ किया। पंडित रामनारायण शास्त्री के सानिध्य में वैदिक विधियों से पूजन संपन्न कराया गया। फाटक गोशाला के कोषाध्यक्ष नवीन गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस दिव्य कथा का वाचन प्रसिद्ध कथा व्यास के.पी. लाटा द्वारा किया जा रहा है, जो मोरछड़ी दरबार पदमपुर के निज सेवक ने अपनी ओजस्वी, भावपूर्ण और भक्तिरस से परिपूर्ण वाणी के माध्यम से श्रद्धालुओं को शीश के दानी खाटू श्याम बाबा की महिमा का रसपान कराया।
कथा के दूसरे दिन घटोत्कच जी के विवाह का प्रसंग सुनाया गया। कथा व्यास ने बताया कि महाराज घटोत्कच का विवाह राजकुमारी मोरवी के साथ हुआ था, जो अत्यंत बुद्धिमान व वीर थीं तथा मां कामाख्या की अनन्य भक्त थीं। इसी दंपत्ति से वीर पुत्र बर्बरीक का जन्म हुआ। आज बर्बरीक जन्म की कथा का अत्यंत भावनात्मक वर्णन किया गया। जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया, भव्य झांकी प्रस्तुत की गई तथा श्रद्धालुओं ने नृत्य, भजन, पुष्पवर्षा और बधाइयों के साथ आनंदपूर्वक उत्सव मनाया।
कथा के माध्यम से बताया गया कि यही बर्बरीक आगे चलकर शीश के बलिदानी बाबा श्याम खाटू वाले के रूप में प्रसिद्ध हुए। कथा के समापन पर विधिवत आरती की गई तथा प्रसाद वितरण किया गया। आयोजकों ने बताया कि यह पावन कथा 22 फरवरी 2026 तक निरंतर चलेगी। कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से सायं 5 बजे तक निर्धारित है। आयोजन समिति ने धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करने तथा धर्म, भक्ति और गौसेवा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की है।
और ये श्री अमर शीश की अमर कथा पूर्ण तरह से गौ माता को समर्पित ह
