
हनुमानगढ़। राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को हनुमानगढ़ में आयोजित की गई, जिसमें कैडर अथॉरिटी गठन सहित अन्य लंबित मांगों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में प्रदेश स्तर पर चल रहे आंदोलन की आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श करते हुए सर्वसम्मति से 27 फरवरी 2026 से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू करने का निर्णय लिया गया। बैठक के पश्चात प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर राज्य सरकार तक कर्मचारियों की मांगें पहुंचाने का आग्रह किया।
समिति पदाधिकारियों ने बताया कि पूर्व में 6 अगस्त 2025 को मांग पत्र प्रस्तुत किया गया था तथा प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 22 एवं भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत विधिक नोटिस जारी किया गया। 29 सितंबर, 1 अक्टूबर, 3 अक्टूबर एवं 6 अक्टूबर 2025 को विभागीय स्तर पर हुई वार्ताओं में कैडर अथॉरिटी गठन को लेकर ठोस आश्वासन दिए गए थे। जनहित एवं किसान हितों को ध्यान में रखते हुए संघर्ष समिति ने 7 अक्टूबर 2025 को आंदोलन स्थगित कर दिया था, जिसे क्रमशः 7 नवंबर और 15 दिसंबर तक बढ़ाया गया।
कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि समिति द्वारा कैडर अथॉरिटी के प्रारूप पर सुझाव देने के बावजूद अब तक कोई ठोस आदेश जारी नहीं हुआ है और केवल औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इससे कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।
घोषित कार्यक्रम के अनुसार 27 फरवरी से पैक्स कंप्यूटरीकरण, फसली ऋण वितरण एवं वसूली, गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना सहित सभी विभागीय जनकल्याणकारी योजनाओं का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सहकारिता मंत्री के हस्ताक्षरयुक्त कैडर अथॉरिटी गठन का लिखित आदेश जारी नहीं हो जाता।
समिति ने चेतावनी दी कि यदि 4 मार्च 2026 तक सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो ग्राम सेवा सहकारी समितियों की स्वायत्तता बनाए रखने हेतु कठोर विधिसम्मत कदम उठाए जाएंगे। इसमें समितियों के संचालक मंडलों द्वारा स्वतंत्र प्रस्ताव पारित कर कर्मचारी नियोजन, सेवा सुरक्षा, चिकित्सा एवं पेंशन लाभ तथा अर्जित अवकाश जैसे विषयों पर स्वयं निर्णय लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि समितियों की आर्थिक मजबूती के लिए केंद्रीय सहकारी बैंकों में जमा हिस्सा राशि को भारतीय नियामक संस्थाओं के अंतर्गत सावधि जमा में निवेश करने पर विचार किया जाएगा, जिससे अधिक ब्याज दर का लाभ मिल सके।
समिति ने स्पष्ट किया कि अगर मांगे नही मानी गई तो पंचायतीराज चुनावो में कर्मचारियों की लगने वाली ड्यूटी का भी बहिष्कार कर विरोध दर्ज करवाया जाएगा। इस मोके पर रमेश ढाका, मेनपाल मान, गुरसेवक सिंह, मुकेश बेनीवाल, राजेंदर सिंह पतावत, विनोद कुकना, प्रिंस कुमार, भूपेंदर सिंह व अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
