
हनुमानगढ़। केशव सेवा संस्थान हनुमानगढ़ द्वारा सिख पंथ के नौवें गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर सारस्वत भवन हनुमानगढ़ में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिकों, विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
गोष्ठी के मुख्य अतिथि बाबा जग्गा सिंह जी,गुरुद्वारा सुखा सिंह महताब सिंह से जुड़े हुए, बाबा प्रीतम सिंह जी गुरुद्वारा सिंह सभा तथा राष्ट्रीय सेविका समिति श्रीगंगानगर से बीबी सिमरजीत कौर उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान, उनके जीवन मूल्यों और मानवता की रक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च त्याग को स्मरण करना था।
मुख्य वक्ता बाबा प्रीतम सिंह जी ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु तेग बहादुर साहब त्याग, तपस्या और बलिदान की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि गुरु साहब को “हिंद की चादर” की उपाधि इसलिए मिली क्योंकि उन्होंने पूरे राष्ट्र और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया। उनका बलिदान केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है।
बीबी सिमरजीत कौर ने गुरु तेग बहादुर जी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन साहस, सत्य और धार्मिक स्वतंत्रता के संरक्षण का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में गुरु साहब के आदर्शों को अपनाने की अधिक आवश्यकता है, ताकि समाज में आपसी सौहार्द, सहिष्णुता और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ किया जा सके।
कार्यक्रम में केशव सेवा संस्थान ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया। राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) से अतर सिंह, संजय शर्मा, मनमोहन शर्मा, केवल कृष्ण, निर्मल सिंह, अपारजोत सिंह बराड़, शौकत अली, दिनेश सहारन सहित जिला प्रचारक राधेश्याम जी, जसपाल सिंह, निर्मल सिंह सतीपूरा तथा शहर के अन्य गणमान्य नागरिक एवं विभिन्न संगठनों के प्रमुख कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस केवल एक स्मरण दिवस नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प दिवस है। कार्यक्रम के अंत में सभी ने गुरु साहब के बताए मार्ग पर चलने और समाज में भाईचारा एवं मानवता के मूल्यों को मजबूत करने का संकल्प लिया। आयोजन के लिए संस्थान की ओर से सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया गया।
