
हनुमानगढ़। तहसील क्षेत्र के गिरदावर हल्का/पटवार हल्का धोलीपाल स्थित चक 14 एमएमके और 15 एमएमके के काश्तकारों ने स्वीकृत आम रास्ता बंद किए जाने के विरोध में गुरुवार को जिला कलक्टर को प्रार्थना पत्र सौंपकर रास्ता खुलवाने की मांग की। किसानों का कहना है कि रास्ता बंद होने के कारण उन्हें अपने खेतों तक आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और खेती-बाड़ी के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
किसानों द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि चक 14 एमएमके व 15 एमएमके के काश्तकारों की कृषि भूमि तक आने-जाने के लिए विभिन्न किलों में स्वीकृत आम रास्ता दर्ज है। यह रास्ता पिछले करीब 40 से 50 वर्षों से उपयोग में लिया जा रहा था और आसपास के किसान इसी मार्ग से अपने खेतों तक पहुंचते रहे हैं। लेकिन हाल ही में चक के कुछ काश्तकारों द्वारा निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए इस स्वीकृत रास्ते को जबरन बंद कर दिया गया है।
किसानों का आरोप है कि रास्ता बंद किए जाने से चक 14 एमएमके और 15 एमएमके के किसानों का अपने खेतों तक आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। वर्तमान में उन्हें खेतों तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक और अस्थायी रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे काफी समय और श्रम दोनों की बर्बादी हो रही है। साथ ही कृषि कार्यों के दौरान ट्रैक्टर, कृषि उपकरण और फसल के आवागमन में भी गंभीर परेशानी आ रही है।
किसानों ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने पहले भी तहसीलदार को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। इस पर प्रशासन द्वारा केवल रास्ते की निशानदेही की कार्रवाई की गई, लेकिन इसके बावजूद आज तक रास्ता खुलवाने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर स्वीकृत आम रास्ते को तुरंत खुलवाया जाए, ताकि किसानों को अपने खेतों तक आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि यह रास्ता लंबे समय से सार्वजनिक उपयोग में रहा है और इसे बंद करना गलत है।
काश्तकारों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र रास्ता नहीं खुलवाया गया तो वे मजबूरन 16 मार्च से आमरण अनशन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस मौके पर रघुवीर वर्मा, हेतराम कूकना, रामरतन माली, राजू बढ़जाती, प्रह्लाद छीम्पा, कुलविंदर ढिल्लो, राजवीर माली, सतीश मूंड़, महिराम पुनिया, पाल सिंह, अंकुश सुथार सहित कई किसान मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में रास्ता खुलवाने की मांग की।
