
हनुमानगढ़ । खुशाल दास विश्वविद्यालय (एसकेडी यूनिवर्सिटी) के फार्मेसी विभाग ने राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस पर एक स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय फार्मेसी शिक्षा के जनक प्रोफेसर महादेवा लाल श्रॉफ के योगदान को याद करना और देश में गुणवत्तापूर्ण फार्मेसी शिक्षा व अनुसंधान को बढ़ावा देना था।
इस अवसर पर श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने फार्मासिस्टों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस फार्मासिस्टों के महत्व को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। आज स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्टों की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
जुनेजा ने बताया कि फार्मासिस्ट केवल दवाइयों के वितरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोगों की रोकथाम, दवाओं के सही उपयोग के बारे में जानकारी देने और नई दवाओं के अनुसंधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, नवाचार और अनुसंधान के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक योगदान दें। साथ ही, भारत को फार्मेसी और चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएं।
प्रो. डॉ. अमित गिरधर ने फार्मेसी शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संस्थाओं और फार्मास्यूटिकल उद्योग के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव और आधुनिक तकनीकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
फार्मेसी विभाग की प्राचार्य प्रो. डॉ. शिखा रहेजा ने बताया कि फार्मेसी का क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और इसमें अनुसंधान व नवाचार की व्यापक संभावनाएं हैं। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को आधुनिक प्रयोगशालाओं और शोध गतिविधियों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में यश शर्मा और गर्वित ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि नवजोत सिंह व उपिष्ट सिंह द्वितीय स्थान पर रहे।
देवेंद्र सिंह, जसकरण सिंह, अरबाज और सिमरन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। अर्जुन और नवजोत सिंह को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया। निर्णायक मंडल में डॉ. ज्योति धींगड़ा और डॉ. नवजोत सिंह शामिल थे। इस अवसर पर नरेंद्र शर्मा, डॉ. निपुण शर्मा, मोहित कुमार, दिनेश कुमार और डॉ. जगजीत सिंह सहित अन्य स्टाफ सदस्य व विद्यार्थी मौजूद रहे।
