
हनुमानगढ़। जिले के ग्राम करनीसर सहजीपुरा में आबादी क्षेत्र के बीच से डाली गई कथित अवैध पाइप लाइन को लेकर विवाद गहरा गया है। इस संबंध में ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पाइप लाइन को तुरंत हटवाने तथा मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है। वहीं ग्रामीणों ने शनिवार सुबह पुलिस कार्रवाई को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया गया कि ग्राम करनीसर सहजीपुरा घग्घर नदी के तटबंध पर स्थित है। गांव की आबादी के उत्तर दिशा में घग्घर नदी बहती है, जो चक 13 एसटीजी में आती है, जबकि दक्षिण दिशा में चक 35 व 37 एसएसडब्ल्यू के कृषि खेत स्थित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र आबादी से लगभग 10 से 15 फीट ऊंचाई पर स्थित है। आरोप है कि गांव के कुछ व्यक्तियों ने अपने खेतों तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से घग्घर नदी के तटबंध को तोड़कर पाइप लाइन आबादी क्षेत्र के बीच से निकालते हुए चक 35 व 37 एसएसडब्ल्यू में डाल दी है।
ग्रामीणों के अनुसार यह पाइप लाइन बिना किसी वैध मंजूरी के डाली गई है, जिसके कारण गांव में आए दिन परेशानी की स्थिति बनी रहती है। पाइप लाइनों में बार-बार लीकेज होने से आबादी क्षेत्र में गंदा पानी फैल जाता है और लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि तटबंध को नुकसान पहुंचाने से भविष्य में घग्घर नदी का पानी गांव में घुसने का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे भारी जान-माल के नुकसान की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि घग्घर नदी के तट के पास ही कई रिहायशी मकान बने हुए हैं, जिनमें अनेक परिवार रहते हैं। यदि तटबंध कमजोर हुआ या टूट गया तो इन घरों और वहां रहने वाले लोगों को गंभीर खतरा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पाइप लाइन से संबंधित एनओसी और स्वीकृति प्रमाण पत्र की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि पाइप लाइन किस आधार पर डाली गई है और यदि यह अवैध है तो तुरंत हटाने की कार्रवाई की जाए।
इधर इस विवाद के बीच शनिवार सुबह गांव में पुलिस कार्रवाई को लेकर भी ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि सदर थाना पुलिस ने सुबह करीब छह बजे गांव में पहुंचकर कार्रवाई की और इस दौरान कई ग्रामीणों के साथ मारपीट की गई, जिससे कुछ लोग चोटिल हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि कई लोगों को बिना किसी जुर्म के हिरासत में लिया गया और उन्हें गिरफ्तार किया गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनैतिक दबाव के चलते की गई है। उनका कहना है कि पाइप लाइन को लेकर चल रहे विवाद में प्रशासन को निष्पक्ष भूमिका निभानी चाहिए, लेकिन इसके बजाय ग्रामीणों पर ही कार्रवाई की जा रही है।
प्रार्थना पत्र में पतराम दुधवाल, कृष्ण दुधवाल, राकेश कुमार सहित अन्य ग्रामवासियों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए, अवैध पाइप लाइनों को तुरंत हटवाया जाए और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि की संभावना को रोका जा सके।
