
हनुमानगढ़ । बड़ोपल क्षेत्र की झीलों में इन दिनों प्रवासी पक्षियों का सुंदर नजारा देखने को मिल रहा है। झीलों और टापुओं पर बने पेड़ों की डालियों पर बड़ी संख्या में पक्षी आराम करते नजर आ रहे हैं। फोटो में दिखाई दे रहा पक्षी लिटिल पाइड कॉर्मोरेंट है, जो मुख्य रूप से आस्ट्रेलिया का निवासी माना जाता है। यह पक्षी पानी के आसपास रहना पसंद करता है और मछलियों को पकड़कर अपना भोजन करता है। विदित रहे कि बड़ोपल में पिछले कई वर्षों से दूर-दराज के देशों से प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं।
आसपास के जलाशय इन पक्षियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन गए हैं। झीलों के किनारे पेड़ों और टापुओं पर बैठकर ये पक्षी विश्राम करते हैं और पानी में भोजन की तलाश करते दिखाई देते हैं। प्रकृति प्रेमियों और पक्षी प्रेमियों के लिए यह दृश्य किसी आकर्षण से कम नहीं है। जानकार बताते हैं कि हर वर्ष सर्दियों के मौसम में साइबेरिया, चीन और आस्ट्रेलिया सहित कई देशों से प्रवासी पक्षी भारत आते हैं। इनमें फ्लेमिंगो, डेमोइसेल क्रेन, पिंटेल, पेलिकन, गीज, ग्रेल और डार्टर जैसे कई पक्षी शामिल हैं।
दुनिया में सबसे अधिक ऊंचाई पर उड़ने वाला बार हेडेड गीज भी यहां पहुंचता है, जो मंगोलिया और चीन के क्षेत्रों में पाया जाता है। यह पक्षी माउंट एवरेस्ट को पार कर लंबी दूरी तय करके भारत तक पहुंचते हैं। ये पत्ते नहीं, विदेशी पक्षी हैं: गांव बड़ोपल की झील में पेड़ों पर काले रंग के ये पत्ते नहीं बल्कि विदेशी पक्षी हैं। मार्च में भी पक्षियों ने यहां डेरा जमा रखा है
