
हनुमानगढ़। आईजीएनपी में 10 दिन की बंदी स्थगित करने को लेकर अगले सप्ताह नोटिफिकेशन जारी होने की उम्मीद है। 9 मार्च 2026 को जल संसाधन उत्तर हनुमानगढ़ के चीफ इंजीनियर ने जल संसाधन विभाग चंडीगढ़ के चीफ इंजीनियर को पत्र लिखकर राजस्थान फीडर में बंदी 10 दिन स्थगित करने का अनुरोध किया था। शनिवार शाम तक पंजाब की ओर से इस संबंध में कोई जवाब नहीं दिया गया। हालांकि संभावना है कि पेयजल भंडारण के दृष्टिगत पंजाब से सकारात्मक जवाब ही मिलेगा
यानी, 10 दिन की बंदी स्थगित होना लगभग तय होना माना जा रहा है। चीफ इंजीनियर की ओर से लिखे गए पत्र में बताया गया था कि राजस्थान फीडर (आईजीएफ) को बंद करने की अवधि को 10 दिनों के लिए यानी 30 मार्च 2026 तक स्थगित कर दिया जाए। साथ ही 20 मार्च से 30 मार्च 2026 के दौरान 10 हजार क्यूसेक पानी की आपूर्ति की जाए, ताकि राजस्थान फीडर की लाइनिंग कार्य में बाधा बिना पीने के पानी की मांग पूरी हो सके।
राजस्थान की ओर से पहले आंशिक क्लोजर मांगा गया था। इस दौरान पंजाब ने 21 से 30 मार्च तक 2 हजार क्यूसेक पानी देने की सहमति जताई थी। फिरोजपुर फीडर की रिलाइनिंग के कारण राजस्थान फीडर में पानी की आपूर्ति कम हुई। जल संसाधन विभाग की ओर से पेयजल के साथ सिंचाई पानी दिया गया। ऐसे में पेयजल का पर्याप्त स्टॉक नहीं हो पाया है। इसलिए विभाग द्वारा क्लोजर अवधि 10 दिन के लिए स्थगित करने का आग्रह किया गया है। साथ ही 21 से 30 मार्च तक 10 हजार क्यूसेक पानी की डिमांड की गई है। अगर पंजाब डिमांड के अनुसार पानी की आपूर्ति करेगा तो पश्चिमी राजस्थान के 13 जिलों में पीने के पानी का पर्याप्त स्टॉक हो सकेगा।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की प्राथमिकता पेयजल भंडारण है। पहले विभाग द्वारा सिंचाई पानी का रेगुलेशन प्रभावित किए बिना पानी की आपूर्ति निर्बाध रूप से की गई। इस दौरान पेयजल का स्टॉक कम हो पाया। अब 10 हजार क्यूसेक पानी मिलता है तो सभी जिलों में हेड वर्क्सों में पानी का स्टॉक हो जाएगा। हालांकि आईजीएनपी क्षेत्र के सभी जिलों के अभियंताओं को भी इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। समीक्षा कर रहे, किसी तरह की नहीं आएगी दिक्कत आईजीएनपी क्षेत्र में पेयजल भंडारण विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पीएचईडी के अभियंताओं के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। क्लोजर से पहले पीने के पानी का पर्याप्त भंडारण करवा दिया जाएगा ताकि किसी तरह की परेशानी नहीं आए। प्रदीप रुस्तगी, चीफ इंजीनियर जल संसाधन (उत्तर), हनुमानगढ़ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को जल संसाधन विभाग और पीएचईडी के अधिकारियों के साथ वीसी के जरिए समीक्षा बैठक की। वीसी के जरिए हुई बैठक में आईजीएनपी क्षेत्र के सभी जिलों से सिंचाई और जलदाय विभाग के अभियंता जुड़े। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल भंडारण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। पीएचईडी के अधिकारी पानी का पर्याप्त भंडारण करे।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर पानी का स्टॉक किया जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को पेयजल संबंधी कोई समस्या नहीं आनी चाहिए। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पानी के स्टॉक को लेकर भी विस्तृत जानकारी ली। क्लोजर के दौरान किस तरह आपूर्ति होगी इसको लेकर भी जानकारी ली। 49 शहरों और 7500 गांव-ढाणियों में पेयजल आपूर्ति, इसलिए तैयारी इंदिरा गांधी नहर परियोजना को पश्चिमी राजस्थान की लाइफ लाइन के रूप में भी जाना जाता है।
यह सबसे बड़ी परियोजना है। इससे 13 जिलों के लगभग 1.70 करोड़ लोगों को पीने का पानी उपलब्ध होता है। जानकारी के अनुसार हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, जैसलमेर, जोधपुर, सीकर, झुंझुनूं, नागौर, बाड़मेर जिले के 49 शहर और कस्बों तथा 7500 गांव-ढाणियों में आईजीएनपी से ही पेयजल सप्लाई होता है। महाजन फायरिंग रेंज व सेना को भी इसी से पानी दिया जाता है। नहर बंदी के दौरान पेयजल आपूर्ति सुचारू रखना जल संसाधन और जलदाय विभाग के जिम्मे रहेगा। इसलिए जल संसाधन विभाग और पीएचईडी के अधिकारियों का आपसी समन्वय भी जरूरी है। दोनों विभागों के अभियंता कई बार संयुक्त बैठकें कर चुके हैं।
