
श्रीगंगानगर । ग्राम विकास अधिकारियों ने वर्षों से लंबित पदोन्नतियों और मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट का घेराव कर नारेबाजी की और साफ चेतावनी दी कि यदि 7 दिन में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन प्रदेशभर में उग्र किया जाएगा और मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से विभाग उनकी अनदेखी कर रहा है।
कलेक्ट्रेट का घेराव, जमकर नारेबाजी
सोमवार को राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में अधिकारी श्रीगंगानगर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट का घेराव किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान ‘मुर्दाबाद’ के नारे भी लगाए गए।
6 साल से अटकी पदोन्नतियां, विभाग पर आरोप
जिला ग्राम विकास अधिकारी संघ के मंत्री मनोज कुमार ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारियों की पदोन्नतियां पिछले 6 वर्षों से लंबित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायती राज विभाग इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है।
कलेक्ट्रेट के बाहर ज्ञापन सौंपते ग्राम विकास अधिकारी।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद रुकी प्रक्रिया
उन्होंने बताया कि 8 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के चलते कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया रोक दी गई थी। इसके बाद से अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है। करीब 14,600 के कैडर में ग्राम विकास अधिकारियों से लेकर सहायक, अतिरिक्त और विकास अधिकारी स्तर तक प्रमोशन अटके हुए हैं।
पुराने मामले भी लंबित, 2003 से फाइलें बंद
संघ के अनुसार कई मामलों में 2003 से ही डीपीसी (डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी) के प्रकरण लंबित हैं और फाइलें ‘बंद लिफाफों’ में पड़ी हुई हैं। इससे कर्मचारियों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
7 दिन का अल्टीमेटम, उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान संघ ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए 7 दिनों के भीतर मांगों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन को तेज किया जाएगा और मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।
ग्राम विकास अधिकारियों ने साफ कहा कि अब वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक और उग्र बनाया जाएगा।दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
