
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में नियम 193 के तहत वामपंथी उग्रवाद (LWE) पर चर्चा के दौरान राजस्थान के बांसवाड़ा-डूंगरपुर से सांसद और भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के नेता राजकुमार रोत का विशेष रूप से उल्लेख किया। शाह ने रोत के जरिए कांग्रेस की ‘विकास थ्योरी’ पर सवाल खड़े किए और इसे केवल ‘वोट बैंक की राजनीति’ करार दिया।
‘वोट के लालच में कांग्रेस का समर्थन’
अमित शाह ने सदन में बोलते हुए कहा कि विपक्ष और विशेषकर कांग्रेस हमेशा यह रोना रोती है कि आदिवासियों का विकास नहीं हुआ। शाह ने राजकुमार रोत की ओर इशारा करते हुए कहा, “राजकुमार रोत जैसे आदिवासी युवा सांसद भी वोट के लालच में कांग्रेस का समर्थन कर रहे थे। वे कांग्रेस की उसी पुरानी थ्योरी का समर्थन कर रहे थे जिसने दशकों तक आदिवासियों को पीछे रखा।”
