
हनुमानगढ़। राजस्थान विद्युत श्रमिक महासंघ (बीएमएस) ने अपनी 27 सूत्रीय मांगों के शीघ्र निराकरण को लेकर शासन सचिव ऊर्जा विभाग को ज्ञापन प्रेषित किया है। यह ज्ञापन हनुमानगढ़ के अधीक्षण अभियंता के माध्यम से भेजा गया, जिसमें कर्मचारियों की लंबित समस्याओं पर तत्काल सकारात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।
महासंघ ने ज्ञापन में बताया कि 22 अप्रैल 2026 को प्रदेशभर के सभी विद्युत निगमों के उपखंडों के माध्यम से भी शासन सचिव को मांगपत्र भेजा गया था। इससे पूर्व 12 अगस्त 2025 को ऊर्जा मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इन मांगों पर सहमति जताते हुए समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी है। वहीं 26 दिसंबर 2025 को भारतीय मजदूर संघ द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक आक्रोश रैली के माध्यम से भी मुख्यमंत्री को इन समस्याओं से अवगत कराया गया था, बावजूद इसके स्थिति जस की तस बनी हुई है।
महासंघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 20 मई 2026 को डिस्कॉम मुख्यालय स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर 10 जून 2026 को जयपुर स्थित विद्युत भवन पर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी विद्युत प्रशासन की होगी।
ज्ञापन में प्रमुख मांगों में विद्युत (संशोधन) विधेयक 2026 को वापस लेने, निजीकरण पर रोक लगाने तथा स्थायी कार्यों में ठेका प्रथा समाप्त कर नई भर्तियां करने की मांग शामिल है। इसके अलावा पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लागू रखने, कर्मचारियों से ईपीएफओ में जमा राशि की वसूली नहीं करने तथा OPS विरोधी आदेशों को वापस लेने की मांग भी उठाई गई है।
महासंघ ने आईटीआई तकनीकी कर्मचारियों को समयबद्ध वित्तीय लाभ, सभी कर्मचारियों को आरजीएचएस योजना का समान लाभ, पेंशन व ग्रेच्युटी फंड में नियमित अंशदान, निशुल्क विद्युत सुविधा एवं प्रोत्साहन राशि देने की भी मांग रखी है। साथ ही पदोन्नति में पारदर्शिता, वरिष्ठता के आधार पर अवसर, तकनीकी कर्मचारियों को जोखिम भत्ता, बोनस व महंगाई भत्ते का नकद भुगतान, तथा संविदा व आउटसोर्स कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
इसके अतिरिक्त पांचों विद्युत निगमों के विलय, इंटर कंपनी ट्रांसफर सुविधा, पदों का सृजन, लेखा व प्रशासनिक पदों पर भर्ती व पदोन्नति, तकनीकी कर्मचारियों को उच्च वेतनमान एवं आवास सुविधा देने जैसी मांगें भी शामिल हैं। महासंघ ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
इस मौके पर गुरमुख सिंह, संदीप सिरावता, जयप्रकाश लेघा, अनिल ज्याणी, अमिता, सरस्वती कुमारी, रामरत्न चौधरी, ओम गोदारा, कृष्ण सिहाग, इमरान, मनोहर, विनय, संजय शेखावत, कुलवीर, हरविन्द्र, योगेन्द्र, प्रवीण, लखविन्द्र, रवि सेवटा सहित अन्य कर्मचारी मौजूद थे।
