
हनुमानगढ़। नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में पीड़ित पक्ष ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। इस संबंध में बुधवार को पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। पीड़िता के पिता के अनुसार, 21 अप्रैल को उसकी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी को भविष्य पुत्र अनिल गोदारा बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया तथा उसके साथ दुष्कर्म किया। इस संबंध में गोलूवाला पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। आरोप है कि बालिका को बरामद करने के बाद पुलिस की ओर से उसका मेडिकल परीक्षण नहीं करवाया गया। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि पुलिसकर्मियों ने आरोपी भविष्य व उसके पिता अनिल गोदारा से मिलीभगत कर बालिका को एक दिन तक अपने कब्जे में रखा और उसे धमकाकर मजिस्ट्रेट के समक्ष मनमुताबिक बयान देने के लिए मजबूर किया। आरोप के अनुसार, बालिका को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई, जिसके कारण वह भयभीत होकर दबाव में बयान देने को मजबूर हुई। परिजनों का कहना है कि घर लौटने के बाद बालिका ने अपनी माता को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई कि आरोपी भविष्य के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। पीड़िता का मेडिकल मुआयना करवाने के साथ उसके पुन: न्यायालय में 163 बीएनएसएस के बयान लेखबद्ध करवाए जाएं। साथ ही मामले के जांच अधिकारी व महिला कांस्टेबल के खिलाफ विभागीय जांच करवाने की मांग पीड़ित पक्ष ने की।
