-कलक्ट्रेट से कृषि विभाग तक निकाला रोष मार्च, अधिकारियों को बनाया बंधक

हनुमानगढ़। डिग्गियों की बकाया भुगतान राशि जारी करने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में मंगलवार को किसानों ने जिला कलक्ट्रेट परिसर में महापड़ाव डालकर जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में किसान सुबह से ही कलक्ट्रेट पहुंचे और सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग उठाई। किसानों का कहना था कि सरकार की योजनाओं पर विश्वास कर उन्होंने लाखों रुपये खर्च कर खेतों में डिग्गियां बनवाईं, लेकिन अब तक अनुदान राशि का भुगतान नहीं होने से वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। पूरा दिन धरनास्थल पर किसानों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग करते रहे। शाम करीब चार बजे किसानों के प्रतिनिधिमंडल की प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वार्ता शुरू हुई, लेकिन किसानों का आरोप रहा कि अतिरिक्त जिला कलक्टर मुद्दे का स्पष्ट समाधान देने के बजाय बात को टालमटोल करते रहे। इससे नाराज किसान वार्ता बीच में छोड़कर पुनः धरनास्थल पर लौट आए और प्रशासन के आश्वासन को अस्वीकार कर दिया।इसके बाद किसानों ने जिला कलक्ट्रेट से रोष मार्च निकाला, जो कृषि विभाग कार्यालय पहुंचा। यहां किसानों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए अधिकारियों का घेराव किया और कुछ समय के लिए उन्हें कार्यालय में ही रोककर विरोध दर्ज करवाया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में अधिकारियों की समझाइश पर किसान दोबारा वार्ता के लिए तैयार हुए।दूसरे दौर की वार्ता में किसान नेता रेशम सिंह माणुका, रविन्द्र सिंह ज्वालेवाला, बलविन्द्र सिंह, संदीप कंग, काका सिंह, रेशम सिंह रामसरा एवं सुभाष गोदारा शामिल हुए। करीब 30 मिनट चली चर्चा के बाद कृषि आयुक्त से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत करवाई गई। किसानों ने आयुक्त को बताया कि सरकार के भरोसे उन्होंने कर्ज लेकर खेतों में डिग्गियां तैयार कीं, लेकिन अनुदान राशि नहीं मिलने से उन्हें भारी ब्याज चुकाना पड़ रहा है।किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि आर्थिक दबाव के कारण कई किसान आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो सकते हैं। उन्होंने सरकार से तुरंत भुगतान जारी करने की मांग की। करीब एक घंटे तक चली वार्ता के बाद कृषि आयुक्त ने किसानों को आश्वस्त किया कि एक माह पंद्रह दिन के भीतर बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। इसके बाद किसानों ने फिलहाल धरना स्थगित करने की घोषणा की, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि यदि तय समय में भुगतान नहीं हुआ तो अगला आंदोलन और उग्र होगा तथा धरना अनिश्चितकाल तक जारी रखा जाएगा।
