
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख की प्रेरणा से हनुमानगढ़ ब्लॉक से निकला एक और दधीचि
– मरणोपरांत माता मलकीत कौर इन्सां का शरीरदान
– बेटियों ने अर्थी को कंधा देकर निभाया अपना फर्ज
हनुमानगढ़। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां की ओर से चलाई जा रही ‘अमर सेवा मुहिम’ के तहत हर रोज एक नया दधीचि सामने आ रहा है। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख की पावन शिक्षाओं का ही कमाल है कि आज डेरा सच्चा सौदा के लाखों सेवादार अपने शरीर को दान कर दधीचि बनने का प्रण ले चुके हैं। दधीचियों की इस श्रृंखला में अपना नाम शामिल करवाया है हनुमानगढ़ ब्लॉक के सुरेशिया, वार्ड नम्बर 56 निवासी माता मलकीत कौर इन्सां (72) पत्नी नसीब सिंह इन्सां ने। जीते जी मरणोपरांत शरीरदान करने का प्रण लेने वाली माता के परिजनों ने मंगलवार को सचखण्डवासी माता मलकीत कौर इन्सां का पार्थिव शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए दान कर इन्सानियत का फर्ज निभाया है। जानकारी के अनुसार सेवादार बूटासिंह इन्सां की माता मलकीत कौर इन्सां मंगलवार को अपनी स्वासों रूपी पूंजी पूरी करते हुए कुल मालिक के चरण कमलों में सचखण्ड जा विराजीं। उनकी अंतिम इच्छा व डेरा सच्चा सौदा प्रमुख की ओर से दिखाए मार्ग का अनुसरण करते हुए परिवारवालों ने सचखण्डवासी माता मलकीत कौर इन्सां की पावन देह मेडिकल खोजों के लिए आर्य मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, एफ 29, ओमेक्ससिटी, अजमेर रोड, जयपुर (राजस्थान) को दान कर एक अनोखी मिसाल कायम की। उनको अंतिम विदाई देने के लिए सच्ची प्रेमी समिति, शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैलफेयर कमेटी के सेवादार, रिश्तेदार, परिजन, साध-संगत व परिचित उनके आवास पर एकत्रित हुए तथा डेरा सच्चा सौदा की मर्यादा अनुसार विनती का शब्द बोलकर विदा किया। इससे पूर्व डेरा सच्चा सौदा प्रमुख संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां की पावन प्रेरणा पर बेटियों को मिले अधिकार के तहत बेटियों मनजीत कौर, पूजा व सुनीता रानी ने सचखण्डवासी माता मलकीत कौर इन्सां की अर्थी को कंधा देकर अपने कर्तव्य का निर्वहन किया। माता मलकीत कौर इन्सां के परिजनों व अन्यों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। फूलों से सजी एंबुलेंस में माता मलकीत कौर इन्सां के पार्थिव शरीर को रखकर अंतिम यात्रा उनके निवास से निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में डेरा श्रद्धालु व गणमान्य नागरिक शामिल हुए। हर किसी के मुख पर मानवता के सच्चे प्रहरी का नाम था और ‘माता मलकीत कौर इन्सां अमर रहे.. अमर रहे..’ के नारे गूंज रहे थे। हर किसी का हाथ अपने आप सलामी के लिए उठ रहा था। इस मौके पर मौजूद शहर के गणमान्य नागरिकों ने कहा कि डेरा सच्चा सौदा की ओर से चलाई गई शरीर दान मुहिम वाक्य में काबिले तारीफ है। क्योंकि एक डॉक्टर बनने के लिए मेडिकल रिसर्च के लिए बॉडी का होना बहुत जरूरी है। डेरा सच्चा सौदा सेवादारों का ऐसी घड़ी में शरीर दान करना दूसरों के लिए भी मिसाल पैदा कर रहा है। सचखण्डवासी माता मलकीत कौर इन्सां की देहदान के मौके पर सच्ची प्रेमी समिति सेवादार श्यामलाल इन्सां, नरेश नारंग इन्सां, दुलीचन्द इन्सां, सुनील इन्सां सहित शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैलफेयर कमेटी के सेवादार भाई-बहन, साध-संगत व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।


