
-1962 युद्ध में 180 किलो सोना समर्पित करने की कहानी सुन भावुक हुए कांग्रेस नेता
हनुमानगढ़। (भटनेर एक्सप्रेस)राहुल गांधी के हालिया पुष्कर दौरे के दौरान हुई एक आत्मीय मुलाकात राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस दौरान मनीष मक्कासर अपने परिवार सहित राहुल गांधी से मिले और पारिवारिक इतिहास से जुड़ा एक ऐसा संस्मरण साझा किया, जिसने सभी को भावुक कर दिया।मुलाकात के दौरान मनीष मक्कासर अपनी पत्नी सोनिया सिंह, पुत्र दिग्विजय सिंह गोदारा, हरजीत सिंह गोदारा तथा पुत्री वेदिका सिंह के साथ उपस्थित रहे। परिवार के सदस्यों ने बताया कि राहुल गांधी ने बेहद सहजता और अपनत्व के साथ बातचीत की, जिससे कहीं भी औपचारिकता का एहसास नहीं हुआ।बातचीत के दौरान मनीष मक्कासर ने राहुल गांधी को पंडित जवाहरलाल नेहरू और अपने दादा हरिराम मक्कासर की एक तस्वीर दिखाई। इसके साथ उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध से जुड़ा एक ऐतिहासिक प्रसंग साझा किया। मनीष ने बताया कि युद्ध के दौरान जब देश को आर्थिक सहयोग की आवश्यकता थी, तब उनके दादा हरिराम मक्कासर ने अपने घर का करीब छह किलो सोना देश को समर्पित करने की घोषणा की थी। इसके बाद उन्होंने क्षेत्रभर में घूम-घूमकर लोगों से भी सोना एकत्र किया और अंततः लगभग 180 किलो सोना देश के लिए समर्पित किया गया।यह प्रसंग सुनकर राहुल गांधी आश्चर्यचकित रह गए। मनीष मक्कासर ने बताया कि उस समय इस योगदान से प्रभावित होकर पंडित नेहरू ने तत्कालीन मुख्यमंत्री से कहा था कि ऐसे देशभक्त परिवार को राजनीति में आगे लाना चाहिए। जब नेहरू ने हरिराम मक्कासर के पुत्र शोपत सिंह को मंत्री बनाने की इच्छा जताई, तब हरिराम मक्कासर ने स्पष्ट कहा कि उनका बेटा कांग्रेस में नहीं आएगा क्योंकि वह कॉमरेड है।मनीष ने आगे बताया कि जब नेहरू ने पूछा कि उनका बेटा इस समय कहां है, तब जवाब मिला कि वह जेल में है। यह सुनकर नेहरू भी भावुक हो गए कि जिसका बेटा जेल में हो, वही पिता देश के लिए सोना एकत्र कर रहा है।बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने परिवार की वर्तमान पीढ़ी के बारे में भी जानकारी ली। मनीष मक्कासर ने बताया कि कॉमरेड शोपत सिंह के पुत्र राजेंद्र मक्कासर कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और जिला प्रमुख पद पर भी रह चुके हैं, जबकि वे स्वयं वर्तमान में जिलाध्यक्ष के रूप में संगठन की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। मनीष मक्कासर ने कहा कि राजस्थान को प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा व नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जुली जैसा नेतृत्व मिला है, उसकी सराहना की।राहुल गांधी ने वेदिका सिंह से उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा। जब उन्हें बताया गया कि वेदिका आईआईटी रुड़की से पासआउट हैं, तो उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए युवाओं की शिक्षा और भविष्य को लेकर चर्चा की। वहीं सोनिया सिंह ने बढ़ती महंगाई और महिलाओं की रोजमर्रा की समस्याओं को राहुल गांधी के सामने रखा। राहुल गांधी ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और संवेदनशीलता के साथ प्रतिक्रिया दी।मुलाकात के बाद मक्कासर परिवार ने राहुल गांधी की सादगी, सहजता और मानवीय व्यवहार की सराहना करते हुए कहा कि इतने बड़े नेता से मिलकर भी कहीं से दूरी महसूस नहीं हुई।
