
-7 दिन में समाधान नहीं होने पर 8 जून को शिक्षा निदेशालय बीकानेर पर घेराव की चेतावनी
हनुमानगढ़।(भटनेर एक्सप्रेस) राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद् प्रधानाचार्य (रेसा-पी) जिला इकाई हनुमानगढ़ के जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह के नेतृत्व में जिले के प्रधानाचार्यों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सत्र 2015-16 से 2019-20 तक पदोन्नत प्रधानाचार्यों की पदोन्नति तिथि अंकन करवाने की मांग की।ज्ञापन में बताया गया कि माननीय शिक्षा मंत्री द्वारा कई बार निर्देश जारी किए जाने तथा शासन स्तर से आदेश प्रसारित होने के बावजूद निदेशालय माध्यमिक शिक्षा बीकानेर स्तर पर पदोन्नति तिथि अंकन का कार्य लंबे समय से लंबित पड़ा हुआ है। संगठन के अनुसार उक्त अवधि में पदोन्नत हजारों प्रधानाचार्य आज तक अपने नाम के सम्मुख पदोन्नति तिथि अंकन से वंचित हैं, जिससे उनमें भारी असंतोष व्याप्त है।प्रधानाचार्यों ने बताया कि सत्र 2017-18 में पदोन्नत 1970 प्रधानाचार्यों की पदोन्नति तिथि 01 अप्रैल 2017 का अंकन आदेश पूर्व में 07 दिसंबर 2022 को जारी किया जा चुका है, लेकिन शेष प्रधानाचार्यों के मामलों में अब तक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि डीपीसी विभाग में पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की शिथिलता के कारण लगभग 8000 प्रधानाचार्य प्रभावित हो रहे हैं।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि राज्य सरकार के वित्त विभाग द्वारा 05 मई 2026 को जारी परिपत्र तथा माध्यमिक शिक्षा निदेशक के 22 मई 2026 के आदेशानुसार विभागीय कार्मिकों के वेतन निर्धारणों की पुनः जांच की जानी है। ऐसे में पदोन्नति तिथि अंकन नहीं होने से प्रधानाचार्यों को भारी वित्तीय नुकसान होने की आशंका है।संगठन ने प्रशासन से आगामी सात दिवस में समस्या का समाधान करवाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो 08 जून 2026 को शिक्षा निदेशालय बीकानेर पर एक दिवसीय धरना एवं घेराव किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर नए शैक्षणिक सत्र के प्रथम दिन से आमरण अनशन एवं धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा।इस मौके पर प्रधानाचार्य जयपाल सिंह, पवन कौशिक, लक्ष्मीकांत स्वामी, सुमन बिश्नोई,नेहा पारीक, उर्वशी बिश्नोई,कुलविंदर सिंह,सिद्धार्थ गर्ग ,पवन कुमार ,राजेंद्र कुमार डाल, अश्विनी कुमार, विराट तनेजा, रामकुमार लिम्बा,सूरज प्रकाश डाबला, हरपाल सिंह, विजय गोयल, सुनील चौधरी ,जगदीश भाटी, हरबंस सिंह, भूपेंद्र सिंह नरूका ,आशु कुमार, मुकेश कुमार कायथ मौजूद थे।
