
बारिश फूलों पर भी होती है और कांटों पर भी, फल वही पाता है जिसका जैसा व्यवहार होता है”
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस श्री गौशाला सेवा समिति, हनुमानगढ़ जंक्शन के तत्वावधान में सोमवार को श्री बाबा रामदेव मंदिर, ओवरब्रिज के पास दुर्लभ सत्संग एवं प्रवचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर ब्रह्मचारी संत श्री आनंदजी महाराज एवं श्री हरिदास जी महाराज (ऋषिकेश) के श्रीमुख से आध्यात्मिक विचारों का श्रवण किया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन प्रार्थना, प्रभात फेरी एवं भजन-कीर्तन के साथ हुई। इसके बाद आयोजित सत्संग में संतों ने धर्म, भक्ति, सत्संग और मानव जीवन के मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। संतों ने कहा कि मनुष्य के जीवन में सत्संग का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। सत्संग से विवेक जागृत होता है और व्यक्ति सही एवं गलत का अंतर समझ पाता है। अपने प्रवचन में संतों ने कहा कि प्रकृति सभी के साथ समान व्यवहार करती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि “बारिश फूलों पर भी होती है और कांटों पर भी, लेकिन जिसका जैसा स्वभाव और व्यवहार होता है, वह उसी प्रकार फलता-फूलता है।” उन्होंने कहा कि जीवन में अच्छे संस्कार, सकारात्मक सोच और श्रेष्ठ कर्म ही व्यक्ति को सम्मान और सफलता प्रदान करते हैं। संतों ने भगवान और भक्त के संबंध को समझाते हुए मार्मिक उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जैसे एक मां अपने सभी बच्चों से प्रेम करती है, लेकिन कभी-कभी सुधार के लिए थप्पड़ भी उसी बच्चे को मारती है जिससे उसे सबसे अधिक स्नेह होता है। उसी प्रकार भगवान भी अपने सच्चे भक्तों की परीक्षा लेते हैं और उन्हें कठिनाइयों का सामना कराते हैं। उन्होंने कहा कि “भगवान कष्ट भी अपने भक्त को ही देते हैं, क्योंकि वे उसे और अधिक मजबूत, धैर्यवान तथा आध्यात्मिक रूप से परिपक्व बनाना चाहते हैं। प्रवचन के दौरान गोस्वामी तुलसीदास जी की चौपाई “बिनु सत्संग विवेक न होई, राम कृपा बिनु सुलभ न सोई” का भावार्थ समझाते हुए संतों ने बताया कि सत्संग के बिना विवेक की प्राप्ति संभव नहीं है और प्रभु की कृपा के बिना सच्चे संतों का सान्निध्य मिलना भी दुर्लभ है। उन्होंने श्रद्धालुओं से जीवन में सदाचार, सेवा, भक्ति और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। सत्संग के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्ति रस में सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने संतों के प्रेरणादायी विचारों को आत्मसात करते हुए आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक धर्मप्रेमी, श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन की व्यवस्थाओं में श्री गौशाला सेवा समिति के सदस्यों ने सक्रिय सहयोग निभाया।
