
6000 रुपए मानदेय पर काम करने से किया इंकार, वेतन बढ़ाकर 12000 रुपए प्रतिमाह करने की उठाई आवाज
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) नगर परिषद परिसर में सोमवार शाम एनजीओ के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया और ठेका व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने नगर परिषद प्रशासन से वर्तमान ठेका निरस्त कर नए सिरे से सफाई कर्मचारियों को उचित वेतन पर नियुक्त करने की मांग की। धरने का नेतृत्व मजदूर नेता निखिल जेदिया एवं पवन मौर्य ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी नगर परिषद के समक्ष एकत्रित हुए और अपनी समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा। कर्मचारियों का कहना था कि वे लंबे समय से बेहद कम मानदेय पर कार्य करने को मजबूर हैं, जबकि उनसे पूरे शहर की सफाई का जिम्मा लिया जा रहा है। मजदूर नेताओं ने बताया कि वर्तमान में एनजीओ के माध्यम से लगे सफाई कर्मचारियों को मात्र ₹6000 प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। इतनी कम राशि में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और प्रतिकूल परिस्थितियों में कर्मचारी प्रतिदिन शहर को स्वच्छ रखने के लिए मेहनत करते हैं, लेकिन उन्हें उनके श्रम के अनुरूप पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई अन्य जिलों में संविदा पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों को लगभग ₹12000 प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है, जबकि हनुमानगढ़ के सफाई कर्मचारियों को इससे आधे से भी कम राशि मिल रही है। कर्मचारियों ने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग की। धरने को संबोधित करते हुए निखिल जेदिया ने कहा कि पिछले करीब आठ वर्षों से महेंद्र शर्मा नामक व्यक्ति सफाई कार्य का ठेका ले रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि लंबे समय से एक ही ठेकेदार के माध्यम से कार्य करवाया जा रहा है, लेकिन कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने नगर परिषद प्रशासन से वर्तमान ठेका व्यवस्था की समीक्षा करने और कर्मचारियों के हित में ठोस निर्णय लेने की मांग की। पवन मौर्य ने कहा कि सफाई कर्मचारी शहर की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं। यदि उन्हें उचित वेतन और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां नहीं मिलेंगी तो उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। धरने के दौरान कर्मचारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे ₹6000 प्रतिमाह मानदेय पर कार्य जारी रखने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने नगर परिषद से वर्तमान ठेका निरस्त कर ऐसा नया ठेका जारी करने की मांग की, जिसमें प्रत्येक सफाई कर्मचारी को कम से कम ₹12000 प्रतिमाह वेतन सुनिश्चित किया जाए। इस मौके पर सोहनलाल, राजेश, अजय,आकाश, ओमप्रकाश, महेश, रजत, सुनील, निर्मला, सीमा, किरण, मोनिका, आरती, सुखप्रीत, मनप्रीत, गुरजीत, सुमन, विमला व अन्य कर्मचारी मौजूद थे।
