
गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस पर अखंड पाठ साहिब के भोग व गुरबाणी कीर्तन
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) टाउन स्थित गुरुद्वारा शहीद बाबा सुखा सिंह शहीद बाबा महताब सिंह में गुरुवार को सिख पंथ की पंचम पातशाही गुरु अर्जुन देव जी का 419वां शहीदी दिवस श्रद्धा, भक्ति और सम्मान के साथ मनाया गया। इस मौके पर आयोजित समागम में बड़ी संख्या में संगत ने हिस्सा लिया। शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा साहिब में रखे गए श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए। इसके उपरांत क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति, मानव कल्याण एवं आपसी भाईचारे के लिए अरदास की गई। संगत ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेककर परिवार और समाज की खुशहाली की कामना की। दीवान के दौरान हजूरी रागी जत्थे ने गुरबाणी कीर्तन कर संगत को गुरु इतिहास से अवगत कराया। रागी जत्थे ने बताया कि गुरु अर्जुन देव जी सिखों के पांचवें गुरु थे, जिन्होंने धर्म, सत्य और मानवता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका बलिदान आज भी साहस, धैर्य और अटूट आस्था का प्रतीक माना जाता है। गुरुद्वारा के मुख्य सेवादार बाबा जोगा सिंह ने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी का शहीदी दिवस केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि उनके त्याग, सेवा और दृढ़ संकल्प को जीवन में उतारने की प्रेरणा देता है। प्रत्येक व्यक्ति को गुरु साहिब के जीवन और शिक्षाओं का अध्ययन कर सत्य एवं धर्म के मार्ग पर चलने का प्रयास करना चाहिए। शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में गुरुद्वारे की ड्योढ़ी के बाहर ठंडे-मीठे जल की छबील भी लगाई गई। भीषण गर्मी के बीच राहगीरों और श्रद्धालुओं को मीठा जल पिलाकर मानव सेवा का संदेश दिया गया।
