
नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाने और युवाओं को जागरूक करने का आह्वान
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस)जिला कैमिस्ट एसोसिएशन एवं जिला खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग, हनुमानगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत टाउन में जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य नशे के बढ़ते प्रचलन पर रोक लगाने, नशीली दवाओं के दुरुपयोग को नियंत्रित करने तथा युवाओं को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना रहा।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में एडीसी अजय कुमार सबल, औषधि नियंत्रण अधिकारी (डीसीओ) चन्द्रकांत शर्मा एवं डालेश्वरी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कैमिस्ट एसोसिएशन के सचिव महेंद्र कासनिया ने की। कार्यशाला में जिले के दवा विक्रेताओं, कैमिस्टों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।अपने संबोधन में एडीसी अजय कुमार सबल ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग को नशे की गिरफ्त से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन नशीले पदार्थों और प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री पर लगातार निगरानी रखे हुए है तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दवा विक्रेताओं से नियमों की पूर्ण पालना करते हुए केवल वैध चिकित्सकीय पर्चे पर ही दवाओं का विक्रय करने का आह्वान किया।डीसीओ चन्द्रकांत शर्मा ने कहा कि कुछ दवाओं का दुरुपयोग नशे के रूप में किया जा रहा है, जिसे रोकना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि औषधि नियंत्रण विभाग समय-समय पर निरीक्षण एवं जांच अभियान चलाकर नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने का कार्य कर रहा है।

उन्होंने कैमिस्टों से रिकॉर्ड संधारण, बिलिंग व्यवस्था तथा निर्धारित नियमों की पालना सुनिश्चित करने की अपील की।डीसीओ डालेश्वरी ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक जनआंदोलन है। समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से ही नशे के खिलाफ प्रभावी लड़ाई लड़ी जा सकती है। उन्होंने युवाओं को जागरूक करने तथा परिवारों को सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल दिया।अध्यक्षीय उद्बोधन में जिला कैमिस्ट एसोसिएशन के सचिव महेंद्र कासनिया ने कहा कि कैमिस्ट समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने में उनकी अहम भूमिका है। उन्होंने सभी दवा विक्रेताओं से कानून और नियमों का पालन करते हुए नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग देने का आह्वान किया। उन्हीने कहा कि हमारे जिले में कैमिस्ट नशे में लिप्त नही है, बल्कि जो नशा पकड़ा जाता है वो ऐसे लोग है जिनके लाइसेंस ही नही है। हमारी प्रशासन से मांग है कि ऐसे लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।कार्यशाला में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने तथा नशीली दवाओं की अवैध बिक्री रोकने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन नशा मुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण के सेल्फी बेनर के साथ सेल्फी लेकर किया गया।
