
जलभराव, अधूरे नालों और कचरा उठाव की समस्या को लेकर प्रदर्शन, आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) लंबे समय से बंद पड़े नालों की सफाई नहीं होने और बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से परेशान टाउन क्षेत्र के वार्ड नंबर 42 के लोगों ने मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय के बाहर सांकेतिक धरना देकर विरोध जताया। प्रदर्शन के बाद क्षेत्रवासियों ने नगर परिषद आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर नालों की सफाई और अधूरे निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने की मांग की। धरने का नेतृत्व कर रहे पूर्व पार्षद हरीप्रकाश खदरिया ने बताया कि वार्ड 42 की बैंक कॉलोनी, पुलिस कॉलोनी, मुखर्जी कॉलोनी और एचएच एरिया में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से मामूली बारिश में भी जलभराव हो जाता है। उन्होंने कहा कि अधिकांश नाले सिल्ट से पूरी तरह अटे पड़े हैं और कई नाले लंबे समय से बंद हैं, जिससे बारिश का पानी समय पर नहीं निकल पाता। उन्होंने बताया कि बिहारी बस्ती का मुख्य गड्ढा भी सिल्ट से भर चुका है। बारिश के दौरान यही सिल्ट नालों में बहकर पहुंच जाती है, जिससे उनकी पानी निकासी क्षमता घटकर लगभग 30 प्रतिशत रह गई है। खदरिया ने कहा कि केवल नालों की सफाई से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। उन्होंने वर्षांे से अधूरे पड़े दो प्रमुख नालों का निर्माण पूरा कराने की मांग उठाई। पहला नाला धानमंडी से मुखर्जी कॉलोनी तक है, जिसका कुछ हिस्सा अभी भी अधूरा है और कम लागत में पूरा किया जा सकता है। दूसरा नाला बाइपास स्थित बेनीवाल हॉस्पिटल की ओर है, जिसका निर्माण करीब सात वर्ष पहले शुरू हुआ था, लेकिन बीच में ही अधूरा छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि इस अधूरे नाले का निर्माण पूरा कर उसे बिहारी बस्ती के मुख्य गड्ढे से जोड़ दिया जाए तो शहर की बड़ी जलभराव समस्या का समाधान हो सकता है। उन्होंने बताया कि रूपनगर, प्रेमनगर और धानमंडी का बरसाती पानी एचएच एरिया से होकर गुजरता है, लेकिन मौजूदा नाले की क्षमता कम होने के कारण पानी ओवरफ्लो होकर वार्ड 42 की गलियों में फैल जाता है। कई बार 12 से 14 घंटे तक पानी की निकासी नहीं हो पाती, जिससे क्षेत्र में कीचड़ फैल जाता है और बारिश के बाद लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। बैंक कॉलोनी निवासी पवन गौतम ने बताया कि कॉलोनी में कई स्थानों पर अघोषित डंपिंग यार्ड बन गए हैं, जहां 15-15 दिन तक कचरा नहीं उठाया जाता। बारिश के दौरान यही कचरा नालियों में पहुंचकर उन्हें जाम कर देता है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद कर्मचारी यदि कभी नालियों से सिल्ट निकाल भी देते हैं तो उसका तत्काल उठाव नहीं किया जाता। बारिश होने पर वही सिल्ट दोबारा नालियों में चली जाती है, जिससे सफाई का कोई लाभ नहीं मिलता। धरने में शामिल क्षेत्रवासियों ने मांग की कि वार्ड के सभी नाले-नालियों की तत्काल सफाई कराई जाए, निकाली गई सिल्ट और कचरे का तुरंत उठाव किया जाए तथा वर्षांे से अधूरे पड़े नालों का निर्माण शीघ्र पूरा कराया जाए, ताकि बारिश के मौसम में जलभराव और गंदगी की समस्या से लोगों को राहत मिल सके। शिविर में ही नगर परिषद आयुक्त सुरेन्द्र यादव ने मौके पर सहायक अभियन्ता, कनिष्ठ अभियन्ता को बुलाकर यथा स्थिति देखने को भेजा। इस पर सहायक अभियन्ता ने आयुक्त को मौके की स्थिति से अवगत करवाया। आयुक्त ने धान मंडी से रामदेव मंदिर के पीछे मुख्य मार्ग तक अधूरे पड़े नाले को पूर्ण करवाने का आदेश दिया।
