
जयपुर विधानसभा के लिए पैदल कूच शुरू, एसटी प्रमाण पत्र की मांग पर सरकार से निर्णायक कार्रवाई की मांग
हनुमानगढ़(भटनेर एक्सप्रेस) धाणका जनजाति संघर्ष समिति के नेतृत्व में अनुसूचित जनजाति (एसटी) जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष चल रहा अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को 325वें दिन भी जारी रहा। लंबे समय से मांगों का समाधान नहीं होने से नाराज धाणका समाज के लोगों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को जयपुर विधानसभा के लिए पैदल कूच शुरू किया। समाज के महिला-पुरुष, युवा एवं बुजुर्ग बड़ी संख्या में इस कूच में शामिल हुए और सरकार से उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।
धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि हनुमानगढ़ एवं श्रीगंगानगर जिले में धाणका समाज के लोगों को अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं, जिससे हजारों परिवारों के शिक्षा, रोजगार तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से इस विषय पर मौखिक रोक के कारण समाज के युवाओं का भविष्य संकट में पड़ गया है।
वक्ताओं ने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग तथा जिला प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के अन्य जिलों में धाणका/धानका समाज के लोगों को अनुसूचित जनजाति के प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं, जबकि हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में अलग व्यवस्था अपनाई जा रही है, जो समाज के साथ अन्याय है।
संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि पिछले 325 दिनों से आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है, लेकिन सरकार और प्रशासन की ओर से अभी तक सकारात्मक पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि मजबूर होकर समाज को अब जयपुर विधानसभा तक पैदल कूच का निर्णय लेना पड़ा है ताकि राज्य सरकार तक अपनी बात सीधे पहुंचाई जा सके।
पदयात्रा शुरू होने से पहले समाज के लोगों ने धरना स्थल पर एकजुट होकर आंदोलन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि पूरे धाणका समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आंदोलन में सहयोग देने और अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने का आह्वान किया।
संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि जब तक हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले में धाणका समाज के लोगों को अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पुनः शुरू नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। समिति ने सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर समाज की वर्षों पुरानी मांग का समाधान करने की मांग की।
