
अपनी वाटिका पार्क के पास गंदे पानी की बनी ‘झील’, चार सीवर चैम्बरों से लगातार रिसाव, संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ा
हनुमानगढ़ जंक्शन (भटनेर एक्सप्रेस) शहर के वार्ड संख्या 51 में स्थित अपनी वाटिका पार्क के आसपास पिछले डेढ़ से दो वर्षों से लगातार हो रही सीवर लीकेज अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर जनसमस्या का रूप ले चुकी है। क्षेत्र के चार सीवर चैम्बरों से लगातार गंदा पानी रिसने के कारण सड़क पर स्थायी जलभराव बना हुआ है। हालात ऐसे हैं कि पार्क के पास गंदे पानी की एक बड़ी झील जैसी स्थिति बन गई है, जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैली रहती है और लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस समस्या की शिकायत नगर परिषद को कई बार दी जा चुकी है। अधिकारियों द्वारा बीच-बीच में सीवर की सफाई करवा दी जाती है, लेकिन कुछ ही दिनों बाद फिर से गंदा पानी सड़क पर बहने लगता है। इस कारण लोगों का कहना है कि समस्या का समाधान नहीं बल्कि केवल खानापूर्ति की जा रही है।
सड़क पर हर समय बहता रहता है गंदा पानी
अपनी वाटिका पार्क के आसपास की सड़क पर दिनभर सीवर का गंदा पानी बहता रहता है। कई स्थानों पर पानी जमा रहने के कारण सड़क दलदल जैसी दिखाई देती है। पैदल निकलने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है, जबकि दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा भी बना रहता है। रात के समय स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है क्योंकि जलभराव का सही अंदाजा नहीं लग पाता।
सड़क हुई क्षतिग्रस्त, कई जगह धंसी
लगातार सीवर के गंदे पानी के बहाव से सड़क की स्थिति भी बेहद खराब हो चुकी है। डामर उखड़ चुका है और कई स्थानों पर सड़क धंस गई है। भारी वाहन गुजरने पर सड़क और अधिक टूट रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं करवाई गई तो सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकती है।
दुर्गंध से रहना हुआ मुश्किल
गर्मी और उमस के मौसम में सीवर से निकलने वाली बदबू पूरे क्षेत्र में फैल जाती है। आसपास रहने वाले परिवारों का कहना है कि घरों के दरवाजे और खिड़कियां तक बंद रखनी पड़ती हैं। पार्क में आने वाले लोगों और बच्चों को भी दुर्गंध के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा
स्थायी जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया सहित अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के स्वास्थ्य पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ सकता है। नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग से भी क्षेत्र में नियमित फॉगिंग और दवा छिड़काव कराने की मांग की है।
डेढ़-दो साल से बनी हुई है समस्या
क्षेत्रवासियों के अनुसार यह समस्या कोई नई नहीं है। पिछले डेढ़ से दो वर्षों से लगातार यही स्थिति बनी हुई है। कई बार सीवर लाइन की सफाई करवाई गई, लेकिन मूल कारण का समाधान नहीं होने से कुछ दिनों बाद फिर वही हालात बन जाते हैं। लोगों का कहना है कि सीवर लाइन या चैम्बरों में तकनीकी खराबी है, जिसे ठीक किए बिना समस्या समाप्त नहीं होगी।
पूर्व पार्षद ने नगर परिषद पर लगाए लापरवाही के आरोप
क्षेत्र के पूर्व पार्षद ने नगर परिषद प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अधिकारियों को कई बार इस समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन किसी ने स्थायी समाधान की दिशा में गंभीरता नहीं दिखाई। केवल सफाई करवाकर मामले को टाल दिया जाता है, जबकि समस्या ज्यों की त्यों बनी रहती है।
उन्होंने कहा कि वार्ड के नागरिक लगातार परेशान हैं, लेकिन नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी मौके का निरीक्षण कर स्थायी समाधान निकालने में रुचि नहीं दिखा रहे। यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
जिला कलक्टर से लगाई गुहार
स्थानीय नागरिकों ने जिला कलक्टर से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि नगर परिषद को निर्देश देकर सीवर लाइन और चैम्बरों की तकनीकी जांच कराई जाए तथा क्षतिग्रस्त हिस्सों को बदलकर स्थायी समाधान किया जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क का पुनर्निर्माण भी कराया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
लोगों की प्रमुख मांगें
- चारों सीवर चैम्बरों की तकनीकी जांच कर स्थायी मरम्मत कराई जाए।
- क्षतिग्रस्त सीवर लाइन को बदला जाए।
- जलभराव वाले क्षेत्र की नियमित सफाई और कीटाणुनाशक दवा का छिड़काव कराया जाए।
- मच्छरों की रोकथाम के लिए नियमित फॉगिंग करवाई जाए।
- क्षतिग्रस्त सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाए।
- जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
जल्द समाधान की उम्मीद
वार्ड 51 के लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से इस समस्या को झेल रहे हैं। अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहिए। नागरिकों का मानना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते ठोस कदम उठाए तो न केवल लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि भविष्य में होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और दुर्घटनाओं से भी बचा जा सकेगा।
