
ग्रामीणों के साथ नदी और झाड़ियों में कॉम्बिंग कर दबोचा
कोटपुतली का वांटेड और 3 साल से फरार 25 हजार का इनामी तस्कर है आरोपी
मुंबई एक्सप्रेस-वे से लेकर गांव की गलियों तक फिल्मी अंदाज में पीछा
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) राजस्थान में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने पंजाब के डोडा किंग बलदेव सिंह को गिरफ्तार किया है। राज्य पुलिस की एंटीनाकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने पंजाब के कुख्यात ‘डोडा किंग’ और राजस्थान-पंजाब तस्करी के मुख्य सूत्रधार बलदेव उर्फ पम्मु उर्फ गोरा बाजीगर निवासी पटियाला को कोटा ग्रामीण के चेचट इलाके से रंगे हाथ दबोचा। एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि कोटपुतली-बहरोड़ जिला पुलिस द्वारा पिछले 3 साल से वांछित इस 25000 रुपए के इस शातिर इनामी तस्कर की कार से 83.930 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त और तस्करी में प्रयुक्त लग्जरी कार जब्त की गई है। एएनटीएफ की जयपुर टीम इस इनामी तस्कर के पीछे लगी हुई गई थी। टीम को इनपुट मिला कि बलदेव जब भी माल लेने जाता है, रावतभाटा के एक दोस्त को साथ रखता है। टीम बड़गांव (कोटा) के गुरुद्वारे के बाहर नजर रखे हुए थी। बलदेव वहां मत्था टेकने आया और अपने दोस्त के साथ रात को पार्टी कर सुबह माल भरने मध्य प्रदेश निकल गया। टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ने के लिए वहां हाथ नहीं डाला। मध्य प्रदेश से कार में भारी मात्रा में डोडा पोस्त लोड कर जैसे ही बलदेव मुंबई एक्सप्रेस-वे के रास्ते राजस्थान होते हुए पंजाब के लिए रवाना हुआ, एएनटीएफ की गाड़ियों ने पीछा शुरू किया। बलदेव ने पुलिस को पीछे देखकर गाड़ी की रफ्तार 180 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी और एक्सप्रेस-वे छोड़कर कोटा की तरफ मुड़ गया। एएनटीएफ ने तत्काल चेचट के मोड़क तिराहे पर नाकाबंदी करवाई। नाकाबंदी देख बलदेव गाड़ी घुमाकर रावतभाटा रोड पर फाणदा गांव की गलियों में घुस गया। रास्ता बंद होने के कारण उसकी तेज रफ्तार कार सीधे एक दीवार से जा टकराई।कार टकराने के बाद बलदेव और उसका साथी गाड़ी से कूदकर भागे। एएनटीएफ के जवानों ने जब चिल्लाकर आवाज लगाई तस्कर भाग रहे हैं, पकड़ो-पकड़ो तो फाणदा गांव के ग्रामीण भी पुलिस की मदद के लिए दौड़ पड़े।दोनों आरोपी नदी बहाव क्षेत्र की घनी झाड़ियों में ओझल हो गए। एएनटीएफ और ग्रामीणों ने मिलकर पूरे इलाके की घेरेबंदी की और झाड़ियों में गहन सर्च ऑपरेशन चलाया। अंततः पुलिस ने झाड़ियों में छिपे बैठे बलदेव को दबोच लिया, हालांकि उसका साथी झाड़ियों की आड़ का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है। चेचट थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार से कुल 83.930 किलोग्राम डोडा पोस्त बरामद किया
आईजीपी विकासकुमार ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त बलदेव बाजीगर (46) निवासी पटियाला, पंजाब महज पांचवीं पास है। शुरुआत में वह मजदूरी करता था, लेकिन ऐशो-आराम की चाहत में वर्ष 2017 में तस्करों के नेटवर्क में आ गया। वह पंजाब-हरियाणा की फसल कटाई के दौरान हार्वेस्टर कंबाइन लेकर राजस्थान-एमपी आता था। इसी दौरान चित्तौड़गढ़ के तस्करों से संपर्क कर उसने खुद का नेटवर्क खड़ा कर लिया।
वह राजस्थान-एमपी से सस्ते दामों में डोडा पोस्त खरीदकर पंजाब-हरियाणा में ऊंचे दामों पर बेचता था। धीरे-धीरे वह इतना बड़ा सप्लायर बन गया कि पंजाब के तस्करी गलियारों में उसे ‘डोडा किंग’ कहा जाने लगा। वर्ष 2023 में कोटपुतली-बहरोड़ पुलिस की नाकाबंदी के दौरान बलदेव गाड़ी छोड़कर भाग निकला था, जबकि उसका चालक और डोडा पोस्त पकड़े गए थे। तब से वह फरार था। फरारी के दौरान भी उसने धंधा नहीं रोका। वह हर महीने राजस्थान-एमपी के 8 चक्कर लगाता था और हर ट्रिप में 80-90 किलो डोडा पोस्त पंजाब ले जाता था।
हर ट्रिप में नई गाड़ी, नया साथी और गुरुद्वारे की मन्नत
आईजीपी ने बताया कि बलदेव पुलिस से बचने के लिए बेहद शातिर हथकंडे अपनाता था। वह जब भी माल लेने राजस्थान या एमपी आता, हर बार नई गाड़ी लेकर आता ताकि पुलिस उसका नंबर ट्रेस न कर सके। मुखबिरी से बचने के लिए वह हर बार अपने साथ नया तस्कर साथी लाता था।वह जब भी माल लेने आता, रास्ते में कोटा के बड़गांव स्थित गुरुद्वारे में मत्था टेककर पुलिस से बचाने और काम में सफल होने की मन्नत मांगता था। पिछले महीने उसने इसी शातिरपने से एएनटीएफ को विराटनगर में चकमा दे दिया था।आईजीपी विकास कुमार ने बताया कि सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को झाड़ियों से गाड़ी के दस्तावेज और एक काली डायरी’ मिली है। इस डायरी में बलदेव के पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क, माल सप्लाई करने वाले स्रोतों और पंजाब-हरियाणा के खरीदारों के नाम व पैसों का पूरा हिसाब-किताब दर्ज है। इस डायरी से आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे होंगे।
