
सोनम वांगचुक के समर्थन में राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, नीट पेपर लीक मामले में सख्त कार्रवाई की उठाई मांग
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) भारतीय ट्रेड यूनियन केन्द्र (सीटू) के बैनर तले सोमवार को लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा, शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा नीट परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक प्रकरण में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर जिला कलक्ट्रेट के समक्ष विरोध-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए शांतिपूर्ण आंदोलन के अधिकारों की रक्षा और शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान हुई सभा को संबोधित करते हुए सीटू जिलाध्यक्ष आत्मा सिंह ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक एवं अन्य प्रदर्शनकारियों को पुलिस-प्रशासन की ओर से बलपूर्वक हटाया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उनका कहना था कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में इसे बल प्रयोग के माध्यम से दबाने का प्रयास उचित नहीं माना जा सकता। रघुवीर वर्मा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती नागरिकों के अभिव्यक्ति के अधिकार और शांतिपूर्ण विरोध की स्वतंत्रता पर निर्भर करती है। यदि जनसरोकारों से जुड़े आंदोलनों को बलपूर्वक रोका जाएगा तो इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर जनता का विश्वास कमजोर होगा। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की। बहादुर सिंह चौहान व गुरप्रेम सिंह ने कहा कि हाल के वर्षांे में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और कथित पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। विशेष रूप से नीट परीक्षा से जुड़े विवादों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। ज्ञापन में मांग की गई कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच कराई जाए, शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाया जाए, परीक्षा घोटालों में शामिल दोषियों को कड़ी सजा दी जाए तथा विद्यार्थियों के भविष्य और लोकतांत्रिक अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस मौके पर बसंत सिंह, अफसर अली, रिशपाल, बीएस पेंटर सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
