जयपुर। राजस्थान में लंबे समय से इंतजार किए जा रहे नगर निकाय चुनावों का आखिरकार ऐलान हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के 309 नगरीय निकायों में चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण में 9 सितंबर 2026 और दूसरे चरण में 11 सितंबर 2026 को मतदान कराया जाएगा, जबकि 14 सितंबर को मतगणना होगी। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।

27 अगस्त से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया
राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 27 अगस्त को चुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी और इसी दिन से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। 31 अगस्त नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख होगी, जबकि नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावी मैदान में उम्मीदवारों की तस्वीर साफ होगी।
मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा। चुनाव के बाद निकाय प्रमुखों के चुनाव की प्रक्रिया भी होगी। 21 सितंबर को अध्यक्ष/महापौर और 22 सितंबर को उपाध्यक्ष/उपमहापौर के चुनाव कराए जाएंगे।
309 निकायों में 10,245 वार्ड
इस बार प्रदेश के 309 शहरी निकायों के 10,245 वार्डों में चुनाव होंगे। इनमें नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाएं शामिल हैं। चुनाव में करीब 1.44 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के मुताबिक मतदाताओं की संख्या के लिहाज से जयपुर नगर निगम सबसे बड़ा निकाय है। यहां करीब 24.20 लाख मतदाता पंजीकृत हैं।
BJP-कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई
निकाय चुनाव को राजस्थान की सियासत में बीजेपी और कांग्रेस के लिए अहम परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। शहरी इलाकों में दोनों दलों के संगठन, स्थानीय नेतृत्व और पार्षद उम्मीदवारों की पकड़ की परीक्षा होगी। टिकट वितरण से लेकर बागियों को संभालने तक दोनों पार्टियों के सामने बड़ी चुनौती रहेगी।
चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। वार्डों में संभावित उम्मीदवारों ने जनसंपर्क और समर्थकों के साथ बैठकों का दौर तेज करना शुरू कर दिया है। अब सबसे ज्यादा नजर टिकट वितरण और वार्ड आरक्षण पर रहेगी।
चुनाव कार्यक्रम एक नजर में
- 27 अगस्त: चुनाव अधिसूचना और नामांकन शुरू
- 31 अगस्त: नामांकन की अंतिम तारीख
- 9 सितंबर: पहले चरण का मतदान
- 11 सितंबर: दूसरे चरण का मतदान
- 14 सितंबर: मतगणना और परिणाम
- 21 सितंबर: अध्यक्ष/महापौर चुनाव
- 22 सितंबर: उपाध्यक्ष/उपमहापौर चुनाव
राजस्थान में इन निकाय चुनावों के जरिए स्थानीय राजनीति की नई तस्वीर सामने आएगी और इसका असर आने वाले समय में प्रदेश की बड़ी राजनीतिक लड़ाई पर भी देखने को मिल सकता है।
