
जयपुर। राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारियां अब महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई हैं। पंचायत चुनाव के तहत सरपंच और वार्ड पंच पदों के आरक्षण की स्थिति तय करने के लिए 24 सितंबर को उपखंड स्तर पर लॉटरी प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। इस प्रक्रिया के बाद यह स्पष्ट होगा कि किस ग्राम पंचायत और किस वार्ड में कौन-सा आरक्षण लागू होगा।
SC, ST, OBC और महिलाओं के लिए तय होंगी सीटें
आरक्षण लॉटरी के माध्यम से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिला वर्ग के लिए सीटों का निर्धारण किया जाएगा। इसके बाद संभावित उम्मीदवारों को अपनी पंचायत और वार्ड की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सकेगी। किसी सीट के आरक्षित होने का सीधा असर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों पर पड़ेगा। जिस पंचायत या वार्ड का आरक्षण किसी विशेष श्रेणी के लिए तय होगा, वहां उसी के अनुरूप उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतर सकेंगे।
दावेदारों के समीकरण बदलेंगे
आरक्षण लॉटरी पंचायत चुनाव की तैयारियों में इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसके बाद कई संभावित उम्मीदवारों के चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। सामान्य सीट की उम्मीद लगाए बैठे किसी दावेदार की सीट अगर SC, ST, OBC या महिला वर्ग के लिए आरक्षित हो जाती है तो उसे दूसरी सीट तलाशनी पड़ सकती है। इसी तरह आरक्षित सीटों को लेकर पहले से तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों के लिए भी तस्वीर साफ हो जाएगी। इसके बाद गांवों में स्थानीय स्तर पर बैठकों और संपर्क अभियान में तेजी आने की संभावना है।
पंचायत चुनाव की तैयारियों को मिलेगी रफ्तार
आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायत चुनाव की तैयारियों में और तेजी आने की उम्मीद है। संभावित प्रत्याशी अपने समर्थकों और स्थानीय लोगों से संपर्क बढ़ा सकते हैं। गांवों में चुनाव को लेकर राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां भी बढ़ने की संभावना है। राज्य में हाल में निकाय चुनावों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब पंचायत चुनाव को लेकर भी स्थानीय स्तर पर गतिविधियां बढ़ रही हैं। आरक्षण की स्थिति सामने आने के बाद उम्मीदवारों के लिए यह तय करना आसान होगा कि उन्हें किस सीट से चुनावी तैयारी करनी है।
वार्ड पंच पदों का आरक्षण भी महत्वपूर्ण
सिर्फ सरपंच पद ही नहीं, बल्कि ग्राम पंचायतों के वार्ड पंच पदों का आरक्षण भी इस प्रक्रिया में तय किया जाएगा। इसका असर गांव के छोटे से लेकर बड़े राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है। आरक्षण लॉटरी के बाद संबंधित पंचायत और वार्ड स्तर पर संभावित उम्मीदवारों की तस्वीर सामने आने लगेगी। इसके साथ ही चुनावी तैयारियां और तेज होने की संभावना है।
