सभापति मंजू रणवां व उपसभापति सोनू बंसल ने संभाला पदभार, नए शामिल क्षेत्रों में सड़क-नाली व स्ट्रीट लाइट विकास पर दिया जो


हनुमानगढ़। नगर परिषद हनुमानगढ़ की नवनिर्वाचित सभापति मंजू रणवां और उपसभापति सोनू बंसल ने गुरुवार को विधिवत रूप से अपने पदों का कार्यभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद दोनों पदाधिकारियों ने शहर के विकास, सफाई व्यवस्था में सुधार और लंबे समय से चली आ रही जनसमस्याओं के समाधान को लेकर अपनी प्राथमिकताएं बताईं। सभापति मंजू रणवां ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाना और बरसात के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या से नागरिकों को स्थायी राहत दिलाना उनके कार्यकाल की प्रमुख प्राथमिकताओं में रहेगा।
जलभराव की समस्या के समाधान के लिए बनेगी कार्ययोजना

सभापति ने कहा कि हनुमानगढ़ शहर के विभिन्न इलाकों में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है। इससे आमजन को आवागमन में परेशानी होने के साथ घरों और दुकानों में पानी घुसने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस समस्या का समाधान केवल बरसात के दौरान नालों की सफाई तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसके लिए जल निकासी व्यवस्था का तकनीकी स्तर पर अध्ययन कर ठोस कार्ययोजना तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि नगर परिषद की टीम शहर के जल निकासी तंत्र का तकनीकी अध्ययन कराएगी। इसके तहत मुख्य नालों की सफाई, पानी के निकास की दिशा और ढलान, नालियों की क्षमता तथा जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से आवश्यक कार्य करवाने का प्रयास किया जाएगा।
सभापति ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि अगले मानसून से पहले जलभराव की समस्या के समाधान से जुड़े जरूरी कार्य शुरू हो जाएं, ताकि बारिश के बाद लंबे समय तक सड़कों और रिहायशी क्षेत्रों में पानी जमा न रहे।
सफाई व्यवस्था की होगी प्रभावी मॉनिटरिंग
सफाई व्यवस्था को लेकर भी सभापति ने कहा कि शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए नगर परिषद की पूरी टीम को सक्रिय किया जाएगा। नियमित सफाई, कचरा उठाव और नालियों की सफाई व्यवस्था की प्रभावी मॉनिटरिंग पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहरवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध करवाना नगर परिषद की जिम्मेदारी है। इस दिशा में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम किया जाएगा।
नए शामिल क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं पर जोर
सभापति ने नगर परिषद सीमा में हाल ही में शामिल किए गए ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों के विकास को भी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि कोहला, 2 केएनजे, सतीपुरा और चक ज्वालासिंहवाला सहित नए शामिल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास की आवश्यकता है। इन क्षेत्रों में पक्की सड़कें, नालियां, स्ट्रीट लाइट और अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित करने की दिशा में प्राथमिकता से काम करने की बात कही गई। सभापति ने कहा कि योजनाबद्ध विकास के माध्यम से इन क्षेत्रों को शहर की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
आमजन की समस्याओं का समाधान प्राथमिक जिम्मेदारी: सोनू बंसल
उपसभापति सोनू बंसल ने भी पदभार ग्रहण करने के बाद सभापति और नगर परिषद की टीम के साथ मिलकर शहर के विकास के लिए काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करवाना जनप्रतिनिधियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद में आने वाले प्रत्येक नागरिक की समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्तर पर उसके समाधान का प्रयास किया जाएगा।
पारदर्शिता और जनभागीदारी के साथ काम करने की बात
सभापति मंजू रणवां ने कहा कि शहरवासियों की अपेक्षाएं बड़ी हैं और उन्हें पूरा करना चुनौतीपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग और विश्वास के साथ विकास से जुड़ी चुनौतियों का सामना किया जाएगा। उन्होंने नगर परिषद चुनाव के दौरान शहरवासियों से मिले समर्थन का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘टीम गणेशराज’ के प्रति शहरवासियों ने जो स्नेह, अपनापन और भरोसा जताया है, उसके लिए उनका परिवार जनता का आभारी रहेगा। सभापति ने कहा कि नगर परिषद का कार्यकाल पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी की भावना के साथ आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर करवाने पर जोर रहेगा।
