गांधीजी और शास्त्रीजी के विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत

हनुमानगढ़। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर लायंस क्लब हनुमानगढ़ सिटी की ओर से टाउन स्थित राजकीय महात्मा गांधी चिकित्सालय परिसर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। क्लब पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा तथा लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दोनों महापुरुषों को नमन किया। इस दौरान गांधीजी के सत्य, अहिंसा एवं स्वच्छता के संदेश को याद करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया गया। क्लब अध्यक्ष डॉ. वीएस तिवारी एवं कोषाध्यक्ष योगेश कुमार ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए देश को स्वतंत्रता की राह दिखाई। उनके विचार किसी एक काल या वर्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आज भी समाज को मानवता, भाईचारे, सेवा और सद्भाव की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि गांधीजी का सादगीपूर्ण जीवन सत्यनिष्ठा और जरूरतमंदों की सेवा के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक संस्थाओं की जिम्मेदारी केवल महापुरुषों की जयंती मनाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनके विचारों को अपने सामाजिक कार्यों में भी शामिल करना चाहिए। जनसेवा और जरूरतमंदों की सहायता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान क्लब सहसचिव सोनू नागपाल एवं सह कोषाध्यक्ष बनीता गर्ग ने कहा कि लायंस क्लब हनुमानगढ़ सिटी सामाजिक सेवा के विभिन्न कार्यों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और जनसेवा से जुड़े कार्यों को भविष्य में भी प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। इस अवसर पर क्लब सहसचिव सोनू नागपाल, कोषाध्यक्ष योगेश कुमार, सह कोषाध्यक्ष बनीत गर्ग, संरक्षक राधाकृष्ण सिंगला, राजेश दादरी, उपाध्यक्ष महक गर्ग, साहिल जिंदल एवं मधुसूदन शर्मा सहित क्लब के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। सभी ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सदस्यों ने समाज में शांति, भाईचारे एवं स्वच्छता का संदेश फैलाने तथा जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। क्लब पदाधिकारियों ने कहा कि गांधीजी और शास्त्रीजी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाजहित में सेवा कार्यों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्चा सम्मान है।
