सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और मानव सेवा के विचारों को अपनाने का दिया संदेश


हनुमानगढ़। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर नवज्योति कॉलेज ऑफ स्पेशल एजुकेशन, हनुमानगढ़ में श्रद्धापूर्वक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, समानता एवं मानव सेवा से जुड़े विचारों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. अमरजीत सिंह रहे। इस अवसर पर नवज्योति कॉलेज ऑफ स्पेशल एजुकेशन की निदेशक डॉ. पायल गुम्बर एवं संस्थान के सचिव भीष्म कौशिक भी मौजूद रहे। अतिथियों एवं स्टाफ सदस्यों ने महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. अमरजीत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी का जीवन सत्य, अहिंसा, सादगी और सेवा की प्रेरणादायी मिसाल है। उनके विचार आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रासंगिक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से गांधीजी के आदर्शों को अपने व्यवहार में अपनाने तथा समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया। कॉलेज निदेशक डॉ. पायल गुम्बर ने कहा कि गांधीजी ने समाज के प्रत्येक वर्ग के सम्मान और समानता पर जोर दिया। विशेष शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए सेवा, संवेदना और समान अवसर की भावना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं स्टाफ से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के प्रति संवेदनशील और सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। संस्थान के सचिव भीष्म कौशिक ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, अनुशासन और मानव सेवा की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यार्थियों को गांधीजी के आदर्शों को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर अपने आचरण में भी उतारना चाहिए। कार्यक्रम में महाविद्यालय के स्टाफ सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इस अवसर पर बिपिन कुमार, मनीष कुमार पांडेय, भारत शर्मा, विभा शर्मा, राम किशन, पूजा देवी, पंकज बिश्नोई सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन महात्मा गांधी के आदर्शों सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और सेवा को जीवन में अपनाने के संकल्प के साथ हुआ। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों एवं उपस्थित सदस्यों को गांधीजी के विचारों से प्रेरणा लेकर समाज के प्रति अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने का संदेश दिया गया।
