भारतीय किसान यूनियन ने प्रत्येक किसान के खाते की व्यक्तिगत जांच कर जल्द भुगतान कराने की मांग की

हनुमानगढ़। अप्रैल-मई माह में सरकार द्वारा की गई गेहूं की सरकारी खरीद के बावजूद कई किसानों को अब तक उपज का भुगतान नहीं मिलने से रोष है। भुगतान की स्थिति स्पष्ट नहीं होने और बार-बार संपर्क के बावजूद संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने पर भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने प्रत्येक किसान के खाते की व्यक्तिगत जांच करवाकर लंबित भुगतान शीघ्र जारी कराने की मांग की। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रेशम सिंह मानुका के नेतृत्व में किसानों ने जिला कलेक्टर को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए बताया कि अप्रैल-मई माह में सरकार द्वारा किसानों से गेहूं की सरकारी खरीद की गई थी। किसानों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी उपज सरकारी खरीद केंद्रों पर उपलब्ध करवाई, लेकिन खरीद प्रक्रिया पूरी होने के कई माह बाद भी उन्हें गेहूं की राशि प्राप्त नहीं हुई है। किसानों ने बताया कि भुगतान लंबित रहने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गेहूं की बिक्री से मिलने वाली राशि खेती से जुड़े आगामी खर्चों के साथ-साथ परिवार की रोजमर्रा की आवश्यकताओं के लिए भी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में भुगतान में देरी का सीधा असर किसानों की आर्थिक व्यवस्था पर पड़ रहा है। यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि भुगतान की स्थिति जानने के लिए किसानों की ओर से जिला प्रशासन एवं संबंधित कार्यालयों में कई बार लिखित और मौखिक रूप से संपर्क किया गया, लेकिन अभी तक भुगतान लंबित होने का स्पष्ट एवं संतोषजनक कारण सामने नहीं आया है। किसानों का कहना है कि यदि किसी किसान का भुगतान तकनीकी, दस्तावेजी या बैंक संबंधी कारण से रुका हुआ है तो संबंधित किसान को इसकी स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि आवश्यक दस्तावेज या प्रक्रिया पूरी कर समस्या का समाधान कराया जा सके। भारतीय किसान यूनियन ने जिला कलेक्टर से मांग की कि प्रत्येक किसान के खाते की अलग-अलग जांच करवाकर यह पता लगाया जाए कि भुगतान किस स्तर पर लंबित है। इसके बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर किसानों के बकाया गेहूं भुगतान को जल्द उनके बैंक खातों में जमा करवाया जाए। ज्ञापन में प्रशासन से संबंधित विभागों से रिपोर्ट मंगवाकर भुगतान प्रक्रिया में आ रही तकनीकी या अन्य अड़चनों को दूर करने की मांग भी की गई। यूनियन ने कहा कि किसानों द्वारा सरकारी खरीद प्रक्रिया के तहत अपनी उपज उपलब्ध करवाने के बाद उन्हें भुगतान के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़े। किसानों ने जिला प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए लंबित भुगतान की प्रक्रिया जल्द पूरी करवाने की मांग की।
