हनुमानगढ़ से 60-70 कार्यकर्ता दिल्ली के लिए हुए रवाना, ‘वोट चोरी, गद्दी छोड़ो’ के नारे लगाकर चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे


हनुमानगढ़। दिल्ली में प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हनुमानगढ़ के यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मामले में जंक्शन पुलिस की कार्रवाई सामने आई है। पुलिस ने यूथ कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष विकास मेघवाल और जिला महासचिव अली हसन जोईया को डिटेन कर लिया। बताया जा रहा है कि हनुमानगढ़ से करीब 60 से 70 कार्यकर्ता दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई। जानकारी के अनुसार, यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में होने वाले विरोध-प्रदर्शन में भाग लेने जा रहे थे। रवाना होते समय कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोरी, गद्दी छोड़ो’ के नारे लगाए। उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस और यूथ कांग्रेस की ओर से विरोध दर्ज करवाया जा रहा है।
दिल्ली पहुंचने से पहले हुई कार्रवाई
हनुमानगढ़ से बड़ी संख्या में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली कूच किया था। उनका उद्देश्य वहां आयोजित प्रदर्शन में शामिल होकर चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाना और चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता से रखना था। इसी दौरान जंक्शन पुलिस ने जिला उपाध्यक्ष विकास मेघवाल और जिला महासचिव अली हसन जोईया को डिटेन कर लिया। दो पदाधिकारियों को डिटेन किए जाने की सूचना के बाद संगठन के कार्यकर्ताओं में घटनाक्रम को लेकर चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद अन्य कार्यकर्ताओं की आगे की रणनीति क्या रही, इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस का विरोध
यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता ‘वोट चोरी, गद्दी छोड़ो’ के नारों के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां उठा रहे हैं। संगठन की ओर से चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि चुनाव से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखना जरूरी है। दिल्ली कूच से पहले हुई पुलिस कार्रवाई ने हनुमानगढ़ में राजनीतिक गतिविधियों को चर्चा का विषय बना दिया है। फिलहाल, दोनों पदाधिकारियों को डिटेन किए जाने के कारणों, हिरासत की अवधि और आगे की कार्रवाई को लेकर पुलिस का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
