जिला कार्यालय में विभिन्न जोन और ब्लॉक से पहुंच रहे कार्यकर्ता, एक से अधिक दावेदार वाले क्षेत्रों में सहमति बनाने की कवायद

हनुमानगढ़। पंचायतीराज चुनावों की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी में उम्मीदवारों की दावेदारी को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव लड़ने के इच्छुक कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों से टिकट की दावेदारी पेश करने के लिए जिला कार्यालय पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू के निर्देशानुसार विभिन्न जोन और ब्लॉक से आए कार्यकर्ताओं ने पंचायतीराज चुनाव के जिला संयोजक आशीष पारीक को अपने आवेदन सौंपे। आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। संभावित उम्मीदवार अपने क्षेत्र में जनसंपर्क बढ़ाने के साथ पार्टी संगठन के समक्ष अपनी उम्मीदवारी प्रस्तुत कर रहे हैं। जिला कार्यालय में आवेदन जमा करवाने पहुंच रहे कार्यकर्ताओं की सक्रियता से चुनाव को लेकर पार्टी के भीतर बढ़ती सरगर्मी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
एक से अधिक दावेदार वाले क्षेत्रों में बनेगी सहमति
पंचायतीराज चुनाव के जिला संयोजक आशीष पारीक ने बताया कि चुनावों को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है। अलग-अलग जोन और ब्लॉक से कार्यकर्ता लगातार आवेदन जमा करवा रहे हैं। इससे संगठन को जमीनी स्तर पर चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का मुख्य प्रयास संगठन की एकजुटता बनाए रखते हुए चुनावी मैदान में उतरना है। जिन क्षेत्रों में एक से अधिक कार्यकर्ताओं ने आवेदन प्रस्तुत किए हैं, वहां जिला स्तर के नेता संबंधित दावेदारों से चर्चा कर आपसी सहमति बनाने का प्रयास करेंगे। स्थानीय परिस्थितियों और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय को ध्यान में रखते हुए सर्वसम्मति बनाने पर जोर दिया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेगी चुनावी सक्रियता
पंचायतीराज चुनावों के मद्देनजर भाजपा में आवेदन जमा होने के साथ ही संभावित उम्मीदवारों की दावेदारी का दौर शुरू हो गया है। विभिन्न क्षेत्रों से सामने आ रहे दावेदारों के बीच टिकट को लेकर चर्चाएं तेज होने की संभावना है। पार्टी संगठन प्राप्त आवेदनों और स्थानीय स्तर पर होने वाले विचार-विमर्श के आधार पर आगे की रणनीति तैयार करेगा। आगामी दिनों में आवेदन प्रक्रिया और दावेदारों के बीच चर्चा के साथ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने के आसार हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि पार्टी नेतृत्व अलग-अलग क्षेत्रों में दावेदारों के बीच किस तरह तालमेल स्थापित करता है और उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया को किस दिशा में आगे बढ़ाता है।
