विश्व गठिया दिवस पर राजकीय मेडिकल कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम, डॉ. विकास चौधरी के 1000 से अधिक घुटना ऑपरेशन के योगदान की हुई सराहना


हनुमानगढ़। राजकीय मेडिकल कॉलेज, हनुमानगढ़ के अस्थि रोग विभाग की ओर से विश्व गठिया दिवस के अवसर पर सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य गठिया रोग, जोड़ों के स्वास्थ्य, बेहतर गतिशीलता और घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी के प्रति आमजन को जागरूक करना रहा। इस दौरान चिकित्सा विशेषज्ञों, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) हनुमानगढ़ के पदाधिकारियों, संत-महात्माओं तथा मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों एवं फैकल्टी सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी, जोधपुर के कुलपति एवं राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग, नई दिल्ली के सदस्य डॉ. एम.के. असेरी उपस्थित रहे। राष्ट्रीय अध्यक्ष ‘सक्षम’ प्रोफेसर दयाल सिंह पंवार ने विशेष अतिथि एवं वक्ता के रूप में शिरकत की। राजकीय मेडिकल कॉलेज हनुमानगढ़ की प्राचार्य डॉ. कीर्ति शेखावत कार्यक्रम की संरक्षक रहीं।
समय पर जांच और उपचार से मिल सकती है राहत
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने गठिया रोग के लक्षणों, संभावित कारणों, समय पर जांच, उपचार के विकल्पों और जोड़ों को स्वस्थ रखने के उपायों पर जानकारी दी। चिकित्सकों ने बताया कि गठिया और घुटनों से जुड़ी समस्याओं को लंबे समय तक नजरअंदाज करने से व्यक्ति की दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। समय पर चिकित्सकीय परामर्श, उचित उपचार, नियमित व्यायाम और जीवनशैली में आवश्यक बदलाव से मरीजों को राहत मिल सकती है। विशेषज्ञों ने बताया कि जिन मरीजों में घुटनों की समस्या गंभीर हो जाती है, उनके लिए चिकित्सकीय जांच के बाद घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी एक विकल्प हो सकती है। ऐसे में शुरुआती लक्षणों को पहचानना और विशेषज्ञ की सलाह लेना महत्वपूर्ण है।
एक हजार से अधिक घुटनों के ऑपरेशन के योगदान की सराहना
कार्यक्रम के दौरान डॉ. विकास चौधरी के चिकित्सा क्षेत्र में योगदान की सराहना की गई। एक हजार से अधिक घुटनों के सफल ऑपरेशन के माध्यम से मरीजों को राहत पहुंचाने के उनके प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि घुटनों के दर्द और चलने-फिरने में परेशानी से जूझ रहे लोगों के लिए समय पर उपचार और उचित मार्गदर्शन बेहद जरूरी है। बेहतर चिकित्सा सेवाओं से मरीजों की गतिशीलता और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिल सकती है।
आधुनिक तकनीक और रोबोटिक सर्जरी पर जोर
डॉ. विकास चौधरी ने हनुमानगढ़ में अस्थि रोग संबंधी चिकित्सा सुविधाओं को आधुनिक स्तर तक विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. एम.के. असेरी से आग्रह किया कि भविष्य की योजनाओं में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों और रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का समुचित उपयोग मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में सहायक हो सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन सुविधाओं के विकास से हनुमानगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
चिकित्सा विशेषज्ञों और गणमान्य लोगों ने की सहभागिता
कार्यक्रम में आईएमए हनुमानगढ़ के संरक्षक डॉ. पारस जैन, डॉ. एम.एस. राठौड़, आईएमए अध्यक्ष डॉ. एस.एस. गेट, सचिव डॉ. अर्जुन सिंह राठौड़, डॉ. राकेश फगेड़िया, डॉ. संदीप छींपा, डॉ. राजीव गोयल, डॉ. राजीव मुंजाल, डॉ. सतीश बेनीवाल, डॉ. सुमेश खीचड़, डॉ. मुकेश पोटलिया, डॉ. विनोद बिजारणियां, ख्याली सहारण और सुमन चावला सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। संत माधव दास जी महाराज और रविदास जी महाराज ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। राजकीय मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी सदस्य भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से आमजन को संदेश दिया गया कि जोड़ों के दर्द को उम्र का सामान्य हिस्सा मानकर अनदेखा नहीं करना चाहिए। समय पर जांच, विशेषज्ञों से परामर्श और उचित उपचार से गठिया रोग का बेहतर प्रबंधन संभव है। जागरूकता और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के माध्यम से मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है।
