अफसर अली अध्यक्ष, गुरप्रेम सिंह कोषाध्यक्ष और विकास कुमार सचिव निर्वाचित; केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों पर जताया विरोध

हनुमानगढ़। जंक्शन स्थित शहीद भगत सिंह यादगार केंद्र के सीटू कार्यालय में सेंट्रल वेयरहाउस का 16वां सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में मजदूरों के अधिकारों, श्रमिक संगठनों की भूमिका तथा केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान श्रमिक हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया गया। सम्मेलन में संगठन की नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया, जिसमें अफसर अली को अध्यक्ष, गुरप्रेम सिंह को कोषाध्यक्ष और विकास कुमार को सचिव चुना गया। सम्मेलन की शुरुआत लाल झंडा फहराकर और शहीदों की बलिवेदी पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिव कुमार, विनोद कुमार और प्रीतपाल सिंह ने की। सम्मेलन में सीटू जिलाध्यक्ष आत्मा सिंह, सरपंच बलदेव मक्कासर, राज्य कमेटी सदस्य कामरेड मोहन कुमार, जगदंबा यूनियन अध्यक्ष विनय कुमार और तहसील सचिव बसंत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
मजदूरों की एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत
सीटू जिलाध्यक्ष आत्मा सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों से मजदूरों के अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। श्रम कानूनों में किए गए बदलावों से नौकरी की सुरक्षा, उचित वेतन और बेहतर कार्य परिस्थितियों को लेकर श्रमिकों के सामने चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि मजदूरों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और श्रमिक हितों के खिलाफ लिए जाने वाले फैसलों का एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना चाहिए। सरपंच बलदेव मक्कासर ने कहा कि मजदूर देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। उनके परिश्रम से सरकारी और निजी संस्थानों का संचालन होता है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने श्रमिकों से एकजुट रहकर अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करने का आह्वान किया। राज्य कमेटी सदस्य कामरेड मोहन कुमार ने कहा कि श्रम कानूनों में बदलाव और मजदूर संगठनों की भूमिका सीमित करने वाले कदम श्रमिक वर्ग के सामने नई चुनौतियां पेश कर रहे हैं। मजदूरों को मिलने वाली सुविधाओं, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार संबंधी अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित आंदोलन जरूरी है। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने और संघर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। तहसील सचिव बसंत सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को मजदूरों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनकी जायज मांगों का समाधान करना चाहिए। उन्होंने उचित वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल और सामाजिक सुरक्षा को श्रमिकों का महत्वपूर्ण अधिकार बताते हुए कहा कि मजदूरों की एकता ही उनके हितों की रक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है।
लेखा-जोखा पारित, नई कार्यकारिणी का गठन
सम्मेलन के दौरान सेंट्रल वेयरहाउस के कोषाध्यक्ष गुरप्रेम सिंह ने गत वर्ष का लेखा-जोखा सदन के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इसके बाद संगठन की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें अफसर अली को अध्यक्ष, गुरप्रेम सिंह को कोषाध्यक्ष और विकास कुमार को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं, रणजीत सिंह, इकबाल सिंह और जसपाल सिंह को उपाध्यक्ष तथा अमित कुमार को कमेटी सदस्य चुना गया। सम्मेलन के समापन पर श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, संगठन को मजबूत बनाने और मजदूरों की समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया गया।
