जोधपुर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ ने प्रबंध निदेशक के नाम सौंपा ज्ञापन, अधीक्षण अभियंता ने स्थानीय समस्याओं के समाधान का दिया आश्वासन


हनुमानगढ़। बिजली निगम कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान और 11 सूत्रीय मांग-पत्र पर ठोस कार्रवाई की मांग को लेकर गुरुवार को जोधपुर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ की ओर से अधीक्षण अभियंता कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र कुमार सीकर के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में जिले के विभिन्न उपखंडों से पहुंचे कर्मचारियों ने निगम प्रशासन के प्रति रोष जताया। प्रदर्शन के बाद प्रबंध निदेशक, जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के नाम अधीक्षण अभियंता के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर मांगों के शीघ्र निस्तारण और उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता आयोजित करने की मांग की गई।
संघ ने बताया कि तकनीकी, मंत्रालयिक और फील्ड कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए 18 सितंबर 2026 को 11 सूत्रीय मांग-पत्र प्रस्तुत किया गया था। इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर संगठन को आंदोलन के अगले चरण में धरना-प्रदर्शन करना पड़ा। संघ ने मांगों पर समयबद्ध निर्णय लेकर उसकी लिखित जानकारी देने की मांग उठाई। साथ ही चेतावनी दी कि सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
स्थानांतरण नीति और पदोन्नति से जुड़ी मांगें उठाईं
ज्ञापन में तीनों डिस्कॉम के बीच पारदर्शी अंतर-डिस्कॉम स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग की गई। इसमें दिवंगत कर्मचारियों की विधवा आश्रित महिलाओं, विद्युत दुर्घटनाओं में दिव्यांग हुए कर्मचारियों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित कार्मिकों को उनके गृह जिले के निकट पदस्थापन में प्राथमिकता देने की बात कही गई।
इसके अलावा वर्ष 1996 से 2019 के बीच नियुक्त शेष अनुकंपा कर्मचारियों को योग्यता के अनुसार एलडीसी और सीए-द्वितीय पदों पर समायोजित करने, लंबित डीपीसी एवं रिव्यू डीपीसी करवाने और बंद पदोन्नति चैनल को दोबारा शुरू करने की मांग रखी गई। कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से 3, 12, 21 और 30 वर्ष की सेवा पर नियमानुसार टाइम बाउंड प्रमोशन एवं एसीपी का लाभ देने की मांग भी उठाई गई। संघ ने मंत्रालयिक संवर्ग के पुनर्गठन के साथ संस्थापन अधिकारी और सूचना सहायक संवर्ग में पदोन्नति के अवसर उपलब्ध करवाने पर जोर दिया। नए वृत्तों में आवश्यक तकनीकी एवं मंत्रालयिक पद स्वीकृत करने और तकनीकी संवर्ग का उचित वर्गीकरण करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
ठेकाकरण की समीक्षा और सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर जोर
कर्मचारियों ने एमबीसी एवं स्थायी तकनीकी कार्यों के ठेकाकरण की समीक्षा कर नियमित भर्ती करने की मांग की। इसके साथ ही एफआरटी, बीसीआईटीएस स्पॉट बिलिंग, आरडीएसएस-एएमआईएसपी स्मार्ट मीटर परियोजना और स्टोर सामग्री से संबंधित कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय तकनीकी एवं वित्तीय जांच करवाने की मांग उठाई गई। संघ ने 33/11 केवी सब-स्टेशनों पर बाउंड्री वॉल, ग्रेवलिंग, अर्थिंग, अग्निशामक यंत्र, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने तथा जर्जर कार्यालय भवनों की मरम्मत करवाने की मांग की। नवनियुक्त टेक्नीशियन-तृतीय कर्मचारियों को अनिवार्य व्यावहारिक सुरक्षा प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा प्रिंटिंग मशीनों में आ रही खराबियों को दूर करने, एफआरटी कर्मचारियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा ग्रिड सब-स्टेशनों पर ठेकेदारों की ओर से लगाए गए कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग रखी गई। सब-स्टेशनों पर लंबित सिविल कार्यों को भी तत्काल पूरा करवाने की मांग की गई।
चिकित्सा सुविधा, भत्ते और लंबित भुगतान का मुद्दा उठाया
ज्ञापन में वर्ष 2004 से पूर्व नियुक्त जीपीएफ धारक कर्मचारियों एवं पेंशनर्स के आरजीएचएस कार्ड जारी करने, कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने और चिकित्सा पुनर्भुगतान से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई। कर्मचारियों ने हार्ड ड्यूटी भत्ता लागू करने, ओवरटाइम एवं यात्रा भत्ता बिलों का समयबद्ध भुगतान करने तथा यूनिफॉर्म और वाशिंग भत्ते का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी रखी। संघ ने उचित कार्यभार निर्धारण और साप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित करने के साथ शिकायत निवारण शिविर आयोजित करने, लंबित न्यायालयीन मामलों का नियमानुसार निस्तारण करने तथा सीपीएफ ट्रस्ट के चुनाव शीघ्र करवाने की मांग की।
दीपावली से पहले लंबित बिलों के भुगतान का आश्वासन
धरना-प्रदर्शन के दौरान अधीक्षण अभियंता के साथ स्थानीय स्तर की समस्याओं को लेकर भी वार्ता हुई। संघ के अनुसार, अधीक्षण अभियंता ने संबंधित सहायक अभियंताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया। लेखाधिकारी कार्यालय में लंबित पुराने क्लेम, मेडिकल बिल और उपार्जित अवकाश के भुगतान दीपावली से पहले करवाने के लिए भी आश्वस्त किया गया। संघ ने प्रबंध निदेशक स्तर पर प्रतिनिधिमंडल के साथ शीघ्र द्विपक्षीय वार्ता आयोजित कर मांगों के समाधान के लिए ठोस निर्णय लेने की मांग दोहराई। संगठन ने स्पष्ट किया कि लंबित समस्याओं पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आगामी दिनों में आंदोलन को तेज किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन में नोहर शहर एवं ग्रामीण, पल्लू, रावतसर, भादरा शहर एवं ग्रामीण, संगरिया शहर एवं ग्रामीण, टीबी हनुमानगढ़, हनुमानगढ़ ग्रामीण, हनुमानगढ़ शहर, हनुमानगढ़ टाउन, गोलूवाला और पीलीबंगा सहित जिले के विभिन्न उपखंडों से कर्मचारी पहुंचे। संगठन के अनुसार, कार्यक्रम में लगभग 180 कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई। अंत में विभिन्न उपखंडों से पहुंचे कर्मचारियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया गया।
