आयुष सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण, महिलाओं को योग का भी प्रशिक्षण


हनुमानगढ़। राष्ट्रीय आयुष मिशन एवं आयुर्वेद विभाग हनुमानगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएएम) टीम के लिए दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हनुमानगढ़ टाउन स्थित माहेश्वरी धर्मशाला में किया जा रहा है। शिविर का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना तथा आयुष चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि मुख्य जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. नवनीत शर्मा, कार्यक्रम अध्यक्ष एवं आयुर्वेद विभाग के उप निदेशक तीर्थ कुमार शर्मा सहित अन्य अतिथियों ने भगवान धन्वंतरि के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर सहायक निदेशक डॉ. महावीर भाटिवाल, डॉ. देवेंद्र भाम्भू, डॉ. रूपिंदर कौर तथा डॉ. दीप्ती सिंगल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आयुर्वेद विभाग के उप निदेशक तीर्थ कुमार शर्मा ने प्रशिक्षण शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाली आशा सहयोगिनी, एएनएम, नर्सिंग स्टाफ, कंपाउंडर एवं महिला आयुष मित्र भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें स्वास्थ्य कर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ उनके तकनीकी ज्ञान को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रतिभागियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयुर्वेद विभाग की ओर से माहेश्वरी धर्मशाला परिसर में ही आवास, भोजन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि सभी प्रतिभागी बिना किसी असुविधा के प्रशिक्षण में भाग ले सकें। मुख्य अतिथि डॉ. नवनीत शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि एलोपैथी और आयुष चिकित्सा पद्धतियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से आमजन को समग्र स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को दिए जाने वाले इस प्रकार के प्रशिक्षण से प्राथमिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। शिविर के दौरान विषय विशेषज्ञ चिकित्सकों की ओर से विभिन्न प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें आयुष विभाग की योजनाओं, प्राथमिक उपचार, औषधीय पौधों के घरेलू उपयोग, दिनचर्या एवं ऋतुचर्या के महत्व, योगाभ्यास तथा विभिन्न रोगों की रोकथाम से संबंधित जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को योग का व्यावहारिक अभ्यास भी करवाया जा रहा है, ताकि वे योग एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक हो सकें। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद स्वास्थ्य कर्मी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में जाकर ग्रामीणों एवं स्थानीय नागरिकों को आयुष चिकित्सा पद्धतियों, योग और रोगों की रोकथाम से जुड़ी जानकारियां देंगे। इससे आमजन में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ आयुष सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
