डाइट के डीएलएड प्रथम वर्ष के 44 विद्यार्थियों ने सात दिवसीय आवासीय शिविर में लिया प्रशिक्षण, अनुशासन, नेतृत्व और सेवा भावना पर दिया जोर


हनुमानगढ़। राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड के जिला मुख्यालय पर जिला शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) हनुमानगढ़ के डीएलएड प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए आयोजित सात दिवसीय आवासीय स्काउट-गाइड प्रशिक्षण शिविर का गुरुवार को समापन हुआ। शिविर में 44 प्रशिक्षार्थियों ने भाग लेकर स्काउटिंग एवं गाइडिंग के नियमों, सिद्धांतों और विभिन्न जीवनोपयोगी कौशलों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को अनुशासन, आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारियों के महत्व से अवगत करवाया गया। सात दिनों तक चले इस शिविर में विभिन्न गतिविधियों एवं प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को स्काउटिंग-गाइडिंग की मूल भावना से परिचित करवाया गया। उन्हें जीवन में अनुशासन बनाए रखने, विपरीत परिस्थितियों में धैर्य से काम लेने, सामूहिक रूप से समस्याओं का समाधान करने तथा टीम भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही सेवा, सहयोग और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। शिविर संचालक सीओ स्काउट भारत भूषण एवं जिला प्रशिक्षण आयुक्त मुंशीराम ने प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि स्काउटिंग-गाइडिंग केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और जीवन को अनुशासित बनाने का प्रभावी माध्यम है। इसके जरिए युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना और सामूहिक रूप से कार्य करने की योग्यता विकसित होती है। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से विभिन्न कौशलों की जानकारी दी गई, ताकि वे अपने दैनिक जीवन में इनका उपयोग कर सकें। प्रशिक्षणार्थियों को समझाया गया कि भविष्य में शिक्षक के रूप में उनकी भूमिका केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि उनमें अच्छे संस्कार, अनुशासन, सामाजिक चेतना और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। इस दृष्टि से स्काउटिंग-गाइडिंग का प्रशिक्षण भावी शिक्षकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी बताया गया। शिविर के आयोजन एवं व्यवस्थाओं में संस्थान के वरिष्ठ व्याख्याता महेंद्र कुमार, सुरेश कुमार बतरा, सुनीता रानी, कचन एवं विशाल शर्मा ने सहयोग किया। सात दिवसीय प्रशिक्षण के सफल समापन पर विद्यार्थियों ने शिविर के अनुभवों को ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताया। प्रशिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए कौशलों को अपने व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ भावी शिक्षण कार्य में अपनाने का संकल्प लिया। इस प्रकार शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक जीवन कौशल विकसित करने का अवसर मिला। प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभव भविष्य में उन्हें जिम्मेदार शिक्षक और जागरूक नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाने में सहायक होंगे।
