
रावतसर। उपभोक्ताओं ने खाद्य अपमिश्रण को रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के स्थान पर कठोर कानून लाए जाने की मांग विश्व उपभोक्ता दिवस के अवसर पर उपभोक्ता संरक्षण समिति संगरिया एवं खाद्य नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामलात विभाग हनुमानगढ़ की ओर से पैंशनर्स भवन में स्थाई जीवन शैली की ओर उचित बदलाव विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस आयोजन में मुय वक्ता के रूप में बोलते हुए समिति अध्यक्ष संजय आर्य ने कहा कि उपभोक्ताओं के लिए स्थाई और स्वस्थ जीवन शैली विकल्पों को समान रूप से उपलध करवाये जाने, सुलभ तथा किफायती बनाए जाने की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि स्थाई जीवन शैली में उचित बदलाव के लिए शुद्ध पर्यावरण के अधिकार को उपभोक्ता अधिकारों में सिमलित किया जावे। इस अवसर पर उपभोक्ता संरक्षण समिति संगरिया के कार्यो की चर्चा करते हुए समिति महासचिव लालचन्द कोचर ने खाद्य समिति की ओर से उपभोक्ताओं को खाद्य अपमिश्रण से निजात दिलाने के लिए खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के स्थान पर कठोर कानून लाए जाने की मांग की। समिति की ओर से कार्यक्रम के सहभागी बने संगरिया के सोशल मीडिय़ा प्रेरक विनोद धारणियां, समिति सदस्य एडवोकेट जसकरण सिंह गिल तथा सिंचाई विभाग राजस्थान के सेवानिवृत अधिशाषी अभियन्ता अरूण अरोड़ा एवं जिला खाद्य एवं अपूर्ति विभाग से सेवानिवृत श्री रामलाल बिस्सु ने कार्यशाला में समिति की ओर से पर्यावरण के अधिकार को उपभोक्ता अधिकारों में सिमलित करने एवं खाद्य अपमिश्रण निवारण के लिए कठोर कानून लाए जाने का मांग पत्र माननीय प्रधानमंत्री एवं भारत सरकार के खाद्य नागरिक एवं आपूर्ति मंत्रालय के मंत्री के नाम रखा। जिसे समय एवं उपभोक्ता की आवश्यकताओं को उल्लेखित करते हुए ध्वनि मत से समर्थन दिया गया। इसके समर्थन में बोलते हुए मंचासीन अतिथियों जय प्रकाश माकड़, ओम सिंह बिजाणियां, महेन्द्र सिंह चौहान, शुभम् गोल्यान, जितेन्द्र गोयल ने इन प्रस्तावों को उपभोक्ता संरक्षण के लिए समय की आवश्यकता उल्लेखित किया। कार्यक्रम के सहभागी बने राय सिंह मील, सादुल सिंह बिजाणियां, भानू सिंह सोलंकी, राम नारायण, बुधराम सिगड़, हरदत कस्वां, ओमप्रकाश सुथार इत्यादि ने विश्व उपभोक्ता दिवस के अवसर पर उपभोक्ता संरक्षण समिति द्वारा हनुमानगढ़ जिले में किए जा रहे कार्यो को रेखांकित करते हुए हनुमानगढ़ जिले के विभिन्न उपखण्डों पर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने तथा उपभोक्ता जागरूकता के क्षेत्र में नये आयाम स्थापित करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम को रूप सिंह राजपुरी की उपभोक्ता संरक्षण से सबन्धित कविताओं ने रोचक बनाया।
