
हनुमानगढ़। जिला कलक्टर कानाराम के निर्देशन में मंगलवार 18 मार्च को खण्ड भादरा की सीएचसी गांधीबड़ी, खण्ड संगरिया की पीएचसी दीनगढ़ एवं खण्ड नोहर की सीएचसी ललाना दिखनादा में मानस अभियान के तहत नशा मुक्ति शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 36 नए मरीजों ने मनोचिकित्सक से काउंसलिंग के बाद नशा छोडऩे का प्रण लिया। मनोचिकित्सकों ने नशा मुक्ति चिकित्सा शिविर में आए 110 मरीजों की काउंसलिंग की। हनुमानगढ़ बीसीएमओ डॉ. कुलदीप बराड़ ने बताया कि जिला कलक्टर कानाराम के निर्देशन में आयोजित मानस अभियान के तहत नशा मुक्ति शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी के अंतर्गत मंगलवार 18 मार्च को सीएचसी गांधीबड़ी, पीएचसी दीनगढ़ एवं पीएचसी ललाना दिखनादा में नशा मुक्ति शिविर आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि सीएचसी गांधीबड़ी में आयोजित शिविर में मनोचिकित्सक डॉ. सुनील मूंड एवं सीएचसी इंचार्ज डॉ. घनश्याम यादव ने मरीजों की जांच की। शिविर में 48 मरीज उपचार के लिए पहुंचे, जिनमें से 39 मरीज नशों का सेवन करते थे। कैंप में आए सभी मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें से 26 नए मरीजों ने नशा छोडऩे की इच्छा जताई, जिनकी काउंसलिंग कर उपचार शुरु किया गया। पूर्व में आयोजित नशामुक्ति शिविर में अपना उपचार करवा चुके 21 मरीज पुन: उपचार लेने के लिए शिविर में पहुंचे। सीएचसी गांधीबड़ी के अंतर्गत आयोजित शिविरों में अब तक 2 मरीज नशों का सेवन करना छोड़ चुके हैं। डॉ. बराड़ ने बताया कि पीएचसी दीनगढ़ में आयोजित शिविर में मनोचिकित्सक डॉ. ओपी सोलंकी, पीएचसी इंचार्ज डॉ. साहिल सहारण एवं वार्ड असिस्टेंट श्रीमती मीनाक्षी ने मरीजों की स्वास्थ्य जांच की। शिविर में 46 मरीज उपचार के पहुंचे, जिनमें से 40 मरीज नशों का सेवन करते थे। कैंप में आए सभी मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें से 6 नए मरीजों ने नशा छोडऩे की इच्छा जताई, जिनकी काउंसलिंग कर उपचार किया गया। पूर्व में आयोजित नशामुक्ति शिविर में अपना उपचार करवा चुके 35 मरीज पुन:उपचार लेने के लिए शिविर में पहुंचे। सीएचसी दीनगढ़ के अंतर्गत आयोजित शिविरों में अब तक 1 मरीज नशों का सेवन करना छोड़ चुका है। कैंप में रोगियों की जांच कर सामने आया कि 15 मरीज चिट्टा एवं मेडिकेटिड नशों का सेवन करते हैं। डॉ. बराड़ ने बताया इसी तरह पीएचसी ललाना दिखनादा में आयोजित शिविर में मनोचिकित्सक डॉ. मनोज डूडी एवं पीएचसी इंचार्ज डॉ. दीपक ने मरीजों की स्वास्थ्य जांच की। शिविर में 16 मरीज उपचार के पहुंचे, जिनमें से 10 मरीज नशों का सेवन करते थे। कैम्प में आए सभी मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें से 4 नए मरीजों ने नशा छोडऩे की इच्छा जताई, जिनकी काउंसलिंग कर उपचार किया गया। पूर्व में आयोजित नशामुक्ति शिविर में अपना उपचार करवा चुके 3 मरीज पुन: उपचार लेने के लिए शिविर में पहुंचे। सीएचसी ललाना दिखनादा के अंतर्गत आयोजित शिविरों में अब तक 2 मरीज नशों का सेवन करना छोड़ चुके हैं। कैंप में रोगियों की जांच कर सामने आया कि 4 मरीज चिट्टा एवं मेडिकेटिड नशों का सेवन करते हैं। शिविर में उपचार के लिए आए मरीजों एवं उनके परिजनों को नशों के दुष्प्रभाव से परिवार एवं समाज पर होने वाले हानिकारक दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी। अंत में सभी मरीजों एवं उनके परिजनों को नशा ना करने की शपथ दिलाई।
