
हनुमानगढ । सार्वजनिक सम्पति की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने व ईपीएस 95 की न्यूनतम पेंशन बढ़ाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ सदस्यों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री के नाम जिला कलटर को ज्ञापन सौंपा। भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि भारत सरकार की ओर से 1 फरवरी को प्रस्तुत बजट में जहां आयकर सीमा बढ़ाकर कर्मचारी जगत को राहत दी गई है। वहीं डेयरी उद्योग, मत्सय उद्योग, गिग वर्कर एवं लघु उद्योगों को भी राहत प्रदान की है। वरिष्ठ नागरिकों को भी टीडीएस के जरिए राहत देकर उनका समान किया गया है। कैंसर जैसी बीमारी की दवा पर आयात शुल्क में छूट देकर राहत दी गई है। वहीं स्टार्टअप चमड़ा उद्योग ढांचागत विनिर्माण के माध्यम से रोजगार सृजन की दिशा का महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसका कार्यसमिति स्वागत करती है। किन्तु वित्त मंत्री को 6 जनवरी को बजट पूर्व बैठक में भारतीय मजदूर संघ की ओर से सुझावों पर अपेक्षा के अनुरूप पूरी तरह कार्रवाई नहीं की गई। प्रस्तुत बजट से ईपीएस 95 के 75 लाख से अधिक पेंशनर्स को कोई राहत नहीं दी गई। इससे उनमें घोर निराशा व्याप्त है योंकि इस महंगाई के युग में 1000 रुपए से जीवन निर्वाह करना कल्पनातीत है। स्कीम वर्कर के साथ-साथ असंगठित मजदूरों की भी उपेक्षा की गई है। सरकार ने प्रस्तुत बजट में जीवन बीमा निगम में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की अनुमति देकर सार्वजनिक सम्पति की बिक्री का मार्ग खोलकर जले पर नमक छिडक़ा है। सरकार का यह कदम आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा पर चोट है। उन्होंने ईपीएस 95 की न्यूनतम पेंशन 5000 रुपए तत्काल करने, अंतिम तौर पर वेतन का 50 प्रतिशत+महंगाई राहत पेंशन का भुगतान करने, ईपीएफ की वेतन सीमा 15000 रुपए से बढ़ाकर 30000 रुपए और ईएसआईसी की वेतन सीमा 21000 रुपए से बढ़ाकर 42000 रुपए करने, सार्वजनिक सम्पति की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने, बीमा/वितीय क्षेत्र में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश पर रोक लगाने, स्कीम वर्कर्स को सरकारी कर्मचारियों के समान वेतन एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने तथा असंगठित क्षेत्र के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्द करवाने की मांग की। इस मौके पर भारतीय मजदूर संघ जिलाध्यक्ष कुलदीप शर्मा, जिलामंत्री सुरेश दायमा, संगठन मंत्री संदीप सिरावता, राजस्थान जलदाय कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महामंत्री इन्द्राज घोटिया, ओमप्रकाश बिश्नोई, अंग्रेज सिंह, जलदाय तकनीकी कर्मचारी संघ जिला महामंत्री संदीप झोरड़, मनोज राव, गुरमुख सिंह, कृष्ण स्याग, सोहन सिंह आदि मौजूद थे।
