सोशल ऑडिट टीम ने
किया बड़ा खुलासा,
भ्रष्टाचारियों पर होगी
कार्रवाई!

हनुमानगढ़ । धोलीपाल ग्राम पंचायत, पंचायत समिति हनुमानगढ़ में मनरेगा कार्यों में करोड़ों रुपये का गबन सामने आया है। सामाजिक लेखा परीक्षा एवं पारदर्शिता सोसाइटी, जयपुर के आदेशानुसार सोशल ऑडिट टीम ने पंचायत में किए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। जांच के दौरान यह पाया गया कि जिन कार्यों पर लाखों रुपये खर्च दिखाए गए, वे कार्य मौके पर मौजूद ही नहीं थे। बोर्ड तक नहीं लगे और कार्यस्थल पूरी तरह खाली मिले। ग्रामीणों के मुताबिक, सोशल ऑडिट टीम में बाबूराम बारूपाल (जैसलमेर), ममता और किरण ने जांच की। उन्होंने पाया कि धोलीपाल ग्राम पंचायत में 11 प्रमुख कार्यों में 80 लाख रुपये से अधिक की अनियमितताएं हुई हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, टीम ने सामुदायिक चक एमएम 14 माइनर नवीनीकरण कार्य में 8,12,393 रुपए, सामुदायिक चक 10 माइनर नवीनीकरण कार्य में 8,65,404 रुपए, सामुदायिक चक 11 माइनर नवीनीकरण कार्य में 8,67,305 रुपए, माइनर की सिल्ट सफाई व बैंक मजबूतकरण में 10,12,867 रुपए, सामुदायिक चक माइनर नहर नवीनीकरण कार्य में 7,96,071 रुपए, कच्चा-पक्का खाला सिल्ट निकास पटरा निर्माण में 2,76,180 रुपए की अनियमितता सामने आई है। जांच रिपोर्ट में कुल 81,13,230 की अनियमितता उजागर हुई है। पंचायत के विभिन्न कार्यों के लिए जारी राशि कागजों पर खर्च कर दी गई, लेकिन कार्यस्थल पर इसका कोई प्रमाण नहीं मिला। डायरेक्टर को भेजी गई रिपोर्ट, सत कार्रवाई की मांग: ग्रामीणों के मुताबिक, सोशल ऑडिट टीम ने विभागीय डायरेक्टर को पत्र लिखकर पूरे मामले की रिपोर्ट सौंपी और गबन की गई राशि की रिकवरी तथा भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की। ग्राम पंचायत में हुए इस घोटाले ने मनरेगा योजना की पारदर्शिता पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
