

हनुमानगढ़ । स्थानीय सेतिया कॉलोनी की गली नंबर 11 निवासी युवक गोविंद शर्मा (29) को मरने के लिए मजबूर करने की आरोपी नेहा शर्मा (42) को पुलिस ने आज गिरफ्तार कर लिया है। उसकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर गोबिंद शर्मा के परिवारजन तथा सर्व समाज के लोग आज कोतवाली पर प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे तो प्रभारी अधिकारी सीआई पृथ्वीपाल सिंह ने बताया कि नेहा शर्मा को आज सुबह गिरफ्तार कर लिया गया है। इस पर प्रदर्शनकारियों ने नेहा शर्मा के पति अनिल शर्मा को भी गिरफ्तार करने की मांग की। थाना प्रभारी ने बताया कि घटना में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच पड़ताल चल रही है। दोपहर बाद नेहा शर्मा को अदालत में पेश किया गया। उसकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर पिछले मंगलवार को भी बड़ी संख्या में सर्व समाज के लोगों ने पुलिस अधीक्षक ऑफिस पर प्रदर्शन किया था। तब पुलिस अधिकारियों ने गिरफ्तारी के लिए 3 दिन का समय मांगा था। 6 दिन बीतने पर भी गिरफ्तारी नहीं हुई तो आज फिर से सर्व समाज के लोग कोतवाली पर पहुंचे तो पता चला कि नेहा को गिरफ्तार कर लिया है। गोविंद शर्मा के परिवार वालों के साथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अंकुर मगलानी, संगठन महासचिव श्यामलाल शेखावटी, शहर ब्लॉक अध्यक्ष धर्मपाल झोरड़ और देहात ब्लॉक अध्यक्ष श्याम पुन्यानी सहित काफी संख्या में अन्य संगठनों और संस्थाओं के पदाधिकारी भी शामिल रहे। सीआई पृथ्वीपाल सिंह ने बताया कि नेहा शर्मा को पकडऩे के लिए तीन चार दिनों में पुलिस की टीमों द्वारा उसके पीहर भादरा, जिला हनुमानगढ़ हिसार (हरियाणा) और बीकानेर जिले में छतरगढ़ थाना इलाकों में छापे मारे जा रहे थे।पुलिस के चौतरफा दबाव के चलते नेहा शर्मा ने आज सुबह कोतवाली में आत्मसमर्पण कर दिया। पढ़ाई करने वाले गोविंद शर्मा ने विगत 12 मार्च को नहर में कूद कर आत्महत्या कर ली थी। घर से जाने से पहले उसने चार पेज का लंबा चौड़ा सुसाइड नोट लिखा, जिसमें पड़ोसन नेहा शर्मा द्वारा उसे और उसके परिवारजनों को बार-बार अपमानित करने वाले ताने मारने, लड़ाई झगड़ा करने तथा अड़ोस पड़ोस के लोगों को भी आपस में लड़ाने की पूरी दास्तान लिखी। फिर गांव नेतेवाला के समीप गंग कैनाल की नहर पर जाकर उसने कल 23 मिनट के दो वीडियो रिकॉर्ड कर मोबाइल फोन में छोड दिया। फिर वह नहर में कूद गया। उसकी 14 मार्च को लाश चूनावढ थाना क्षेत्र के चक 23- एमएल के पास बरामद हुई। उसी रोज ही गोविंदा के भाई गौरव की रिपोर्ट पर नेहा तथा अनिल शर्मा के विरुद्ध आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। इससे पहले ही नेहा और अनिल मकान को ताला लगाकर गायब हो गए। गोविंदा के परिवार वालों को उसके मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किए हुए वीडियो 25 मार्च को मिले जो उन्होंने पुलिस को सौंप दिए। वीडियो में भी गोविद शर्मा ने सुसाइड नोट में लिखी सारी कहानी को बयान किया। पुलिस नेहा और अनिल की तलाश कर रही थी कि 27 मार्च की शाम को नेहा का देवर सुनील दाधीच जोकि स्थानीय पुलिस लाइन में कांस्टेबल है, दो-तीन व्यक्तियों के साथ आया और उनके मकान का ताला खोलकर कुछ सामान निकाल ले गया। गोविंदा के परिवार वालों ने कोतवाली में जाकर बताया तो सुनील को कोतवाली में तलब किया गया। उसने दो दिन में दोनों को पेश करने का आश्वासन दिया। दोनों आरोपी दो दिन बाद भी कोतवाली में हाजिर नहीं हुई तो 1 अप्रैल को पुलिस अधीक्षक ऑफिस पर प्रदर्शन किया गया था। आरोप है कि नेहा बार-बार गोविंद शर्मा को हिजड़ा (खुसरा) होने के ताने मारती थी। इसी से दुखी होकर उसने खुदकुशी कर ली।
